बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुक्रवार सुबह कर्नाटक के बेलगावी में प्रारंभ हुई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख एवं सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक तथा देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक और सह प्रांत प्रचारक शामिल हुए। इसके साथ ही संघ प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी बैठक में उपस्थित हैं।
तीन दिवसीय बैठक में मार्च 2026 के बाद देशभर में आयोजित संघ के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा शाखा स्तर पर निर्धारित कार्ययोजना के क्रियान्वयन, संगठन विस्तार और कार्य की प्रभावशीलता पर व्यापक चर्चा होगी।

बैठक का प्रमुख केंद्रबिंदु संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रम हैं। इस दौरान शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुए शाखा विस्तार कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी समय में अधिकतम शाखा विस्तार की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही अब तक आयोजित कार्यक्रमों का मूल्यांकन और शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा होगी। संघ ने स्पष्ट किया है कि शताब्दी वर्ष (2025-26) के अंतर्गत निर्धारित शेष कार्यक्रम आगामी विजयादशमी, 20 अक्टूबर 2026 तक देशभर में आयोजित किए जाएंगे।
इस बैठक को संघ के संगठनात्मक विस्तार, आगामी कार्ययोजना और शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों की समीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








