रायपुर संवाददाता -रघुराज
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों विकास कार्यों और पाइपलाइन मरम्मत के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ देने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक एवरग्रीन चौक, शास्त्री मार्केट और गोल बाजार को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पिछले तीन दिनों से एक बड़ा गड्ढा खोदकर लावारिस छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन और नगर निगम की इस लापरवाही के कारण यह पूरा इलाका दुर्घटना का केंद्र बन चुका है।
इस गंभीर समस्या को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जनता का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर पाइपलाइन में लीकेज की समस्या थी, जिसे ठीक करने या नई पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क के एक बड़े हिस्से की खुदाई की गई थी। लेकिन खुदाई का काम पूरा होने के बाद तीन दिन बीत जाने पर भी इस गड्ढे को भरा नहीं गया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोग हर पल खतरे के साए में सफर करने को मजबूर हैं।
तस्वीरें और जमीनी हालात बेहद डराने वाले हैं। बारिश के इस मौसम में लगातार हो रही पानी की बौछारों ने स्थिति को और ज्यादा बदतर बना दिया है। गड्ढे के आसपास की मिट्टी पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिससे वाहनों के टायर लगातार स्लिप हो रहे हैं। आए दिन गाड़ियां इस कीचड़ में फंस रही हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि कल ही इस खतरनाक गड्ढे की वजह से एक ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया। गनीमत रही कि रिक्शा में सवार यात्रियों को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन लगातार हो रहे इन हादसों से लोग सहमे हुए हैं। ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों का इस रास्ते से गुजरना अब किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह पूरा घटनाक्रम नगर निगम मुख्यालय के बिल्कुल करीब हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रायपुर शहर में ऐसा लगता है जैसे कोई अनियोजित सड़क खोदो योजना चल रही हो। पहले लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके चिकनी और शानदार सड़कें बनाई जाती हैं, फिर अचानक याद आता है कि नीचे पाइपलाइन डालनी है, तो सड़क खोद दी जाती है। कुछ समय बाद जब उसे जैसे-तैसे भरा जाता है, तो फिर केबल बिछाने के नाम पर दोबारा खुदाई शुरू हो जाती है। नियोजन की इस भारी कमी का खामियाजा सिर्फ और सिर्फ शहर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जो टैक्स देने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
राजधानी रायपुर के इस वीआईपी और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। गोल बाजार और शास्त्री मार्केट में खरीदारी के लिए पूरे शहर से लोग पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग का इस तरह से सत्यानाश कर देना प्रशासनिक दूरदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है जैसे शहर का विकास किसी नौसिखिया एजेंसी के हाथ में सौंप दिया गया है, जिसे न तो जनता की परेशानियों की परवाह है और न ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था की। हर दिन शहर के किसी न किसी कोने में इसी तरह का अजूबा देखने को मिल जाता है, जहां सड़कें खोदी तो जाती हैं लेकिन उन्हें समय पर दुरुस्त करने का नाम नहीं लिया जाता।
इस अव्यवस्था से तंग आकर अब नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन को जगाने की ठानी है। स्थानीय युवाओं और प्रभावित लोगों का कहना है कि वे इस वीडियो और खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करके जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएंगे ताकि कुंभकर्णी नींद में सोए प्रशासन की नींद टूटे। जनता अब यह साफ-साफ पूछ रही है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और यदि इस गड्ढे के कारण कोई बड़ा हादसा या किसी जान-माल का नुकसान होता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? लोगों ने मांग की है कि इस गड्ढे को तुरंत भरकर सड़क को दोबारा चलने लायक बनाया जाए ताकि त्योहारों और बारिश के इस सीजन में लोगों को किसी बड़ी अनहोनी का सामना न करना पड़े।







