देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने तथा तेज बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। विभिन्न इलाकों में अब तक 11 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। सैकड़ों मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा लगभग 250 वाहन बाढ़ के पानी में बह गए। प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुंछ, राजौरी और आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ गए। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। जम्मू-कश्मीर सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
किश्तवाड़ में बादल फटने से बढ़ा संकट
किश्तवाड़ जिले के पर्वतीय इलाकों में बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने निर्माणाधीन परियोजनाओं, सड़कों और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। कई स्थानों पर पुल और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से अनेक सड़कें बंद हो गई हैं। केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर भी असर पड़ा है, जबकि प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है और राहत दल सड़कें खोलने में जुटे हैं।

14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित 14 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्कूलों और पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।







