रघुराज –
रायपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज बिजली की बढ़ती दरों, भारी-भरकम बिलों और स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जन आक्रोश खुलकर सामने आया। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में विशाल जन जागरूकता रैली और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में स्थानीय रहवासियों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
रैली के दौरान पूरे क्षेत्र में ‘महंगी बिजली नहीं चलेगी’ के नारे गूंजते रहे। जनता के हाथों में शिकायत प्रपत्र और तख्तियां नजर आईं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और विभागीय अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट करना था।
स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिलों के खिलाफ खोला मोर्चा
विकास उपाध्याय ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में जब से स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से आम जनता की कमर टूट गई है। पहले जिन घरों में पांच सौ से हजार रुपये का बिल आता था, अब वहां कई गुना अधिक राशि के बिल थमाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की तेज गति और त्रुटिपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मध्यमवर्ग और गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है। कई जगहों पर बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पुरानी कार्यशील मीटरों को बदलकर नई तकनीक के नाम पर महंगे उपकरण थोपे गए हैं। इसके कारण हर महीने बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
कांग्रेस शासनकाल और वर्तमान व्यवस्था की तुलना
कार्यक्रम में बोलते हुए विकास उपाध्याय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान हाफ बिजली बिल योजना लागू की गई थी, जिसके तहत 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाती थी। इस योजना से प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ और राहत मिलती थी।
उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आते ही जनहित की कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर कर दिया गया है। आज न केवल बिजली महंगी हो चुकी है, बल्कि जलापूर्ति की स्थिति भी दयनीय है। पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को अत्यधिक शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे सामान्य जीवन व्यतीत करना कठिन होता जा रहा है।
बिजली कार्यालय का घेराव और शिकायत पत्र सौंपने की अपील
जन जागरूकता रैली के पश्चात विकास उपाध्याय और हजारों क्षेत्रवासियों ने स्थानीय बिजली कार्यालय का घेराव किया। कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया और अधिकारियों को बिजली की बढ़ी दरों तथा स्मार्ट मीटर की कमियों से अवगत कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान विकास उपाध्याय ने उपस्थित सभी नागरिकों से फॉर्म भरवाए। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने-अपने बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायत प्रपत्रों को भरकर विभाग में जमा करें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं है, बल्कि जब तक सरकार बढ़ी हुई दरों को वापस नहीं लेती और स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों को ठीक नहीं करती, तब तक यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
जनता का समर्थन और आगे की रणनीति
इस जन आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर महीने आने वाले अनपेक्षित बिजली बिलों ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। राशन, पढ़ाई और स्वास्थ्य के खर्चों के बीच बिजली का बिल एक बड़ा आर्थिक तनाव बन चुका है।
विकास उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ाई लड़ती रहेगी। यदि विभाग ने जल्द ही शिकायत प्रपत्रों का संज्ञान लेकर बिलों में सुधार नहीं किया और स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में और भी व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। आज के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि महंगी बिजली के खिलाफ जनता की आवाज अब पूरी तरह बुलंद हो चुकी है।







