कोंडागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
कोंडागांव। जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोपरा में भंवरडीह नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। नदी पर बने पुल के ऊपर पानी आने से उड़ीसा के बहीगांव से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 तथा जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बाधित हो गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद यहां सामान्य स्थिति बनने में 5 से 6 दिनों का समय लग जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भंवरडीह नदी पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कोंडागांव प्रवास के दौरान कोपरा की भंवरडीह नदी पर वृहद पुल (उच्चस्तरीय पुल) के निर्माण की घोषणा और स्वीकृति दी थी, ताकि क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। हालांकि घोषणा के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

पुल नहीं होने का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कोपरा स्थित स्कूल में मुंडापारा, नौकाबेड़ा, खरगांव और छोटेराजपुर सहित 3 से 4 गांवों के छात्र-छात्राएं अध्ययन करने आते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर वे लगातार 5 से 6 दिनों तक स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं शिक्षकों को भी स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा, कोपरा का साप्ताहिक बाजार भी जलभराव के कारण बुरी तरह प्रभावित होता है। व्यापारियों और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है तथा आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही भी बाधित हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार शासन-प्रशासन को उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष बारिश के मौसम में होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।







