दीपक शर्मा/कोरबा | 31 जुलाई 2026
लगभग 37 वर्षों तक वर्दी की सेवा देने के बाद कोरबा जिले के पाली थाना प्रभारी निरीक्षक नागेश तिवारी आज शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो रहे है। अपने सेवाकाल का बड़ा हिस्सा उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिताया।
मूल रूप से मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन निवासी नागेश तिवारी एक कृषक परिवार से आते हैं। वर्ष 1990 में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए तिवारी ने पदोन्नति के क्रम में निरीक्षक तक का सफर तय किया।
सेवा काल के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के लगभग 27 थानों में अपनी सेवाएं दीं। सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यकाल बस्तर संभाग में रहा। नक्सल प्रभावित बस्तर के सातों जिलों में उन्होंने लगभग 18 वर्षों तक तैनाती निभाई।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पूरे दौर में वे नक्सलियों के निशाने पर रहे। वह समय कठिन था, लेकिन कर्तव्य और निष्ठा के कारण कोई भी परिस्थिति आड़े नहीं आई।
उन्होंने पुलिस विभाग का आभार जताते हुए कहा, “मैं और मेरा परिवार आज जिस मुकाम पर हैं, वह सब पुलिस विभाग की वजह से है। पुलिस में रहकर देश सेवा और समाज सेवा दोनों बेहतर तरीके से की जा सकती हैं।” उनकी बेटी और बेटा दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि दामाद डिजाइनिंग इंजीनियर हैं।
पाली की छह माह की पारी रही यादगार
निरीक्षक तिवारी ने पाली थाने में लगभग 6 महीने तक थाना प्रभारी के रूप में कार्य किया। यहीं से वे सेवानिवृत्त हुए। पाली क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि यह प्राचीन नगरी है और भगवान भोलेनाथ की नगरी मानी जाती है। चैतुरगढ़ की मां महामाया की कृपा इस क्षेत्र पर है, इसलिए यहां के लोग शांतिप्रिय हैं।
“यहां के जनप्रतिनिधि भी किसी मामले को विवाद की बजाय सीधे संवाद से सुलझाते हैं। इसी कारण पाली क्षेत्र शांति और सौहार्द के लिए जाना जाता है। पाली सेवानिवृत्त हो रहा हूं, इसलिए यह स्थान हमेशा मेरी स्मृति में रहेगा,” उन्होंने कहा।
अब समाज सेवा के साथ परिवार जनों के साथ बिताएंगे समय
सेवानिवृत्ति के बाद की योजना साझा करते हुए तिवारी ने बताया कि अब वे अपने परिवार और गांव के लोगों के साथ शांतिपूर्वक समय बिताएंगे। परिजनों और इष्ट-मित्रों के साथ घूमने के साथ-साथ वे समाज सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहेंगे।पाली थाना स्टाफ और क्षेत्रवासियों ने सेवानिवृत्ति पर उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







