एमसीबी/ जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता के आश्रित ग्राम धनौली की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला यह गांव आज हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के साथ जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभर रहा है।
पहले पानी के लिए करना पड़ता था संघर्ष
पूर्व में धनौली के ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप, नदी एवं कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। दूर-दराज से पानी लाने में महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी।

जल जीवन मिशन से बदली व्यवस्था
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में जल स्रोतों का विकास, पानी टंकी का निर्माण, मोटर पंप की स्थापना तथा पाइपलाइन विस्तार का कार्य किया गया। इसके परिणामस्वरूप अब गांव के प्रत्येक घर तक नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। इससे ग्रामीणों की दैनिक जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन आया है और उन्हें पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता।
दैनिक जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
घर-घर नल से पानी पहुंचने के कारण ग्रामीणों को अब पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। इससे महिलाओं का समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
जल संरक्षण और स्वच्छता पर बढ़ी जागरूकता
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की सक्रिय निगरानी तथा ग्रामीणों की सहभागिता से गांव में जल संरक्षण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई के प्रति भी व्यापक जागरूकता विकसित हुई है। ग्रामीण जल स्रोतों के संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण विकास की बनी प्रेरणादायक मिसाल
जल जीवन मिशन के माध्यम से धनौली में आया यह परिवर्तन ग्रामीण विकास की एक सफल मिसाल है। यह पहल न केवल प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में सफल रही है, बल्कि जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से गांव को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।







