-प्रधानमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, न्यूनतम वेतन ₹30 हजार और न्यूनतम पेंशन ₹7,500 करने सहित कई मांगें उठाईं
युसूफ खान/बलरामपुर।
बलरामपुर जिले के कुसमी में सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रमिकों ने रैली में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। रैली के बाद प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली के नाम जिला प्रशासन को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

रैली का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष अर्जुन यादव एवं महामंत्री लक्ष्मण यादव ने किया। इस दौरान श्रमिक नेताओं ने कहा कि मजदूर देश के विकास की रीढ़ हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी कई जायज मांगें लंबित हैं। सरकार को श्रमिकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
₹30 हजार न्यूनतम वेतन की प्रमुख मांग
ज्ञापन में श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके साथ ही ईएसआईसी की वेतन सीमा बढ़ाकर 42 हजार रुपये, ईपीएस पेंशन की न्यूनतम राशि 7,500 रुपये प्रतिमाह करने तथा उसमें महंगाई भत्ता जोड़ने की मांग की गई।
संगठन ने ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ाने, बोनस की सीमा में वृद्धि तथा आंगनवाड़ी, आशा, एनएचएम सहित विभिन्न योजना कर्मियों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग भी रखी।
समान काम, समान वेतन की मांग
ठेका एवं आकस्मिक श्रमिकों के लिए समान कार्य के बदले समान वेतन लागू करने, श्रमिक हित में श्रम संहिताओं में आवश्यक संशोधन करने तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग भी संगठन ने प्रमुखता से उठाई।
कई श्रमिक संगठनों ने दिखाई एकजुटता
रैली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, बॉक्साइट मजदूर महासंघ, निर्माण मजदूर महासंघ सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली के दौरान श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं और अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए।







