पेपर लीक पर जेन-जी (युवा) के व्यापक प्रदर्शन ने मोदी सरकार को अंदर तक हिला दिया है। मोदी सरकार जेन-जी को आकर्षित करने के लिए कई निर्णय लिए। अब मोदी सरकार ने बैंकों को Gen Z के प्रति फ्लेक्सिबल (लचीलापन) होने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं और Gen Z के बीच अपनी छवि बदलने बैंकों 2 अक्टूबर से Banking for Youth Campaign शुरू करने का सुझाव दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों को Gen Z के लिए कूल बनने की सलाह दी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंक यानी पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) अपनी पुरानी और गंभीर छवि से बाहर निकलें और युवाओं, खासकर Gen Z के लिए ज्यादा अट्रैक्टिव और कूल बनें। उन्होंने सरकारी बैंकों को युवाओं से सीधे बात करने की नसीहत दी है।
दो दिवसीय PSB कॉन्फ्लुएंस 2026 के आखिरी दिन सीतारमण ने कहा कि हाल ही में जिन युवाओं से उन्होंने बात की, उनमें से कई ने प्राइवेट बैंकों को अपनी पहली पसंद बताया। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि युवाओं को प्राइवेट बैंक ज्यादा ‘कूल’ लगते हैं। वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों से पूछा कि आखिर उनकी छवि ऐसी क्यों नहीं है और इसमें क्या बदलाव किया जा सकता है।







