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कर्मा विद्यालय समोदा में बच्चों ने सीखी अंग्रेजी बोलने की कला, मंच पर निडर होकर विद्यार्थियों ने दिए जवाब

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रायपुर, 2 सितंबर 2026। कर्मा विद्यालय, समोदा, तहसील आरंग, जिला रायपुर में विद्यार्थियों में अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाने और दैनिक जीवन में अंग्रेजी के प्रयोग को सहज बनाने के उद्देश्य से 1 सितंबर 2026 को ‘अंग्रेजी बोलने की शुरुआत करें’ विषय पर विशेष प्रशिक्षण एवं मोटिवेशनल क्लास का आयोजन किया गया।

विद्यालय के संचालक नंद कुमार साहू के आमंत्रण पर रविशंकर सिन्हा, सॉफ्टवेयर डेवलपर एवं ट्रेनर ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी बोलने की शुरुआत करने के सरल और व्यावहारिक तरीके बताए। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को बताया कि अंग्रेजी सीखने के लिए केवल ग्रामर पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित बोलने का अभ्यास और गलत बोलने के डर को दूर करना सबसे जरूरी है।

बच्चों में दिखा अंग्रेजी बोलने का उत्साह

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न मोटिवेशनल गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ट्रेनर ने बच्चों से दैनिक जीवन से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विद्यार्थियों ने मौके पर ही अंग्रेजी में जवाब देने का प्रयास किया।

कार्यक्रम की खास गतिविधियों में शिक्षकों द्वारा हिंदी में सामान्य एवं दैनिक जीवन से जुड़े वाक्य बोले गए, जिन्हें विद्यार्थियों ने तत्काल अंग्रेजी में अनुवाद करने का प्रयास किया। इसके बाद रविशंकर सिन्हा ने विद्यार्थियों को वाक्य निर्माण, सही शब्दों के प्रयोग और बोलने के तरीके को सरल भाषा में समझाया।

कई विद्यार्थी बिना झिझक के आगे आए और मंच पर अंग्रेजी में बोलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इससे विद्यालय में सीखने और बोलने के प्रति उत्साह के साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

मोबाइल से घर बैठे कर सकेंगे अंग्रेजी बोलने का अभ्यास

कार्यक्रम के दौरान रविशंकर सिन्हा द्वारा विकसित ‘अंग्रेजी बोलने की शुरुआत करें’ मोबाइल आधारित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के बारे में भी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य विद्यार्थियों को घर बैठे मोबाइल के माध्यम से अंग्रेजी बोलने का नियमित अभ्यास उपलब्ध कराना है। इसमें दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले वाक्यों और विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर अभ्यास की सुविधा दी गई है।

विद्यार्थी दिए गए वाक्यों को बोलकर अभ्यास कर सकते हैं और अपनी कही हुई अंग्रेजी की तुलना सही अंग्रेजी से कर सकते हैं। इससे उन्हें अपनी गलतियों को समझने, सुधार करने और धीरे-धीरे बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक माह का पैनल निःशुल्क

कार्यक्रम को सामाजिक पहल से जोड़ते हुए रविशंकर सिन्हा एवं उनकी टीम ने 1 सितंबर को आयोजित प्रशिक्षण में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को एक महीने का पैनल निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की।

बताया गया कि इस पैनल की सामान्य दर 100 रुपये प्रतिमाह है, लेकिन कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों, शिक्षकों और स्टाफ को एक माह के लिए यह सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण के बाद भी घर बैठे लगातार अभ्यास करने का अवसर देना है, ताकि अंग्रेजी बोलने का कौशल केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित न रहे।

अंग्रेजी के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और टीम के सदस्यों के बीच विद्यार्थियों में अंग्रेजी के साथ-साथ व्यावहारिक, डिजिटल एवं रोजगारपरक कौशल विकसित करने को लेकर भी चर्चा हुई।

इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि स्कूल स्तर पर ऐसी गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने से विद्यार्थियों में संवाद क्षमता, आत्मविश्वास, डिजिटल जागरूकता और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित किए जा सकते हैं।

रविशंकर सिन्हा ने कहा कि अंग्रेजी सीखने की शुरुआत के लिए सबसे जरूरी चीज आत्मविश्वास है। शुरुआत में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन लगातार बोलने और अभ्यास करने से धीरे-धीरे सुधार आता है।

ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित

कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक नंद कुमार साहू, गणेश राम साहू, प्राचार्य श्रीमती नम्रता देवांगन, शिक्षक हितेश कुमार साहू, पूजा साहू, श्रीमती टिकेश्वरी मानिकपुरी, इंदु साहू, संजना साहू, श्रीमती सुमन चक्रधारी, वंदना साहू, सावित्री साहू, पूर्णिमा साहू, पुष्पा साहू, केयरटेकर श्रीमती सरोजनी सोनी एवं श्रीमती यशोदा सेन सहित विद्यालय के विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा को केवल विषय के रूप में पढ़ने के बजाय दैनिक जीवन में बोलकर सीखने और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया गया।

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