धमतरी रिपोर्ट- खिलेश साहू
संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना के साथ माताओं ने रखा कठिन व्रत
धमतरी। ग्राम अछोटा में कमरछठ (हलषष्ठी) पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर माताओं ने अपनी संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना को लेकर परंपरागत विधि-विधान से व्रत रखा और पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में मातृशक्ति एकत्रित होकर सामूहिक रूप से सगरी की पूजा में शामिल हुई।
कमरछठ पर्व पर भगवान गणेश एवं शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना के साथ सगरी का विधिवत पूजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत में भैंस के दूध, दही और घी का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान भैंस के घी से दीप प्रज्वलित किया गया तथा सगरी में दूध एवं दही अर्पित कर पूजन किया गया।
पूजा में पारंपरिक रूप से लाई, महुआ, गेहूं, चना और मटर सहित छह प्रकार की पूजन सामग्रियों का उपयोग किया गया। माताओं ने श्रद्धापूर्वक इन सामग्रियों को अर्पित किया। वहीं कमरछठ व्रत में पसहर चावल और बिना हल चलाए उगाई जाने वाली छह प्रकार की भाजियों का भी विशेष महत्व है। व्रत के पश्चात माताओं ने सूर्यास्त से पूर्व पसहर चावल के भात एवं छह प्रकार की भाजियों का सेवन कर व्रत का पारण किया।
भगवान बलराम के जन्मदिवस से जुड़ी है मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भ्राता भगवान बलराम के जन्मदिवस को कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व माताओं के त्याग, तपस्या, ममता और अपनी संतानों के प्रति असीम प्रेम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत एवं पूजा-अर्चना करने से संतान को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जिला पंचायत सभापति मोनिका देवांगन ने भी रखा व्रत
इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति श्रीमती मोनिका देवांगन ने भी अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना को लेकर कमरछठ का व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्रवासियों को कमरछठ एवं भगवान बलराम जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
श्रीमती मोनिका देवांगन ने कहा कि ग्राम अछोटा की मातृशक्ति द्वारा वर्षों से परंपरागत रूप से कमरछठ का व्रत किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर गांव की माताएं एक स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करती हैं और अपनी संतानों की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करती हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध लोकपरंपराएं और धार्मिक संस्कार समाज को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे पर्व मातृशक्ति की आस्था, त्याग और परिवार के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।
कमरछठ पर्व के अवसर पर ग्राम अछोटा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों के सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना की।







