-महिलाओं और बच्चों ने पूजा-अर्चना के बाद काटा केक, दही-हांडी और मटकी फोड़ कार्यक्रम में जमकर दिखाया उत्साह
गुरदीप सिंह/कुसमुंडा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व को लेकर कुसमुंडा क्षेत्र में जगह-जगह उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर विधि-विधान से जन्माष्टमी मनाई। इसके बाद महिलाओं और बच्चों ने केक काटकर गोपाल कृष्ण का जन्मदिन मनाया।
पूजा-अर्चना और जन्मोत्सव के बाद कई स्थानों पर मटकी फोड़ और दही-हांडी कार्यक्रम आयोजित किए गए। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे उत्साह के साथ मटकी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत किया।
मटकी फूटते ही तालियों और जयकारों से गूंजा माहौल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मटकी फोड़ने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए मटकी फोड़ने का प्रयास करते रहे। जैसे ही मटकी फूटी, पूरा आयोजन स्थल तालियों और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा।
उपस्थित लोगों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
‘श्याम चूड़ी बेचने आया’ गीत पर जमकर थिरकीं महिलाएं
जन्माष्टमी समारोह के दौरान भक्ति और मनोरंजन का भी रंग देखने को मिला। महिलाओं और बच्चों ने ‘श्याम चूड़ी बेचने आया’ गीत पर जमकर नृत्य किया। भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं ने जन्माष्टमी के उत्सव का आनंद लिया।
बच्चों में संस्कृति और परंपरा के प्रति बढ़ रही रुचि
आयोजन से जुड़े लोगों और ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से बच्चों में सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित होती है और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
कुसमुंडा क्षेत्र में जगह-जगह हुए जन्माष्टमी आयोजनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। मटकी फोड़, दही-हांडी, भक्ति गीत और बच्चों की उमंग ने जन्माष्टमी पर्व को यादगार बना दिया।







