महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
कोमाखान (महासमुंद): छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व तीजा को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प बनाकर ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया द्वारा ग्राम लिटिया दादर के यदुवंशी रंगमंच में अनूठा ‘पर्यावरण संरक्षण तीजा मिलन समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तीजहारिन महिलाओं को मायके और ससुराल दोनों जगह हरियाली फैलाने का संदेश देते हुए दो-दो पौधे भेंट किए गए। वहीं, प्राथमिक विद्यालय की पूर्व छात्राओं के 35 वर्ष बाद हुए पुनर्मिलन ने पूरे माहौल को भावुक और यादगार बना दिया।
दो दशकों से जारी है हरित परंपरा
संस्था के अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ पाणिग्राही के मार्गदर्शन में पिछले 20 वर्षों से निरंतर चल रही इस मुहिम के तहत महिलाओं को स्नेह भेंट के रूप में फलदार व छायादार पौधे दिए गए। महिलाओं ने एक पौधा मायके और दूसरा ससुराल में रोपकर उसे वृक्ष बनाने तक संरक्षित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े संस्था अध्यक्ष डॉ. पाणिग्राही एवं डायरेक्टर अमुजूरी विश्वनाथ ने मातृशक्ति को पर्व की बधाई देते हुए पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।

प्रकृति का संरक्षण ही सच्ची ईश्वर पूजा: वक्ता
समारोह के मुख्य अतिथि साहित्यकार व सेवानिवृत्त शिक्षक-किसान दीवान ने कहा कि वृक्ष अनेक जीवों का आधार हैं और आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति से जुड़ना अनिवार्य है।
पं. भागीरथी महाराज ने कहा कि हम ईश्वर की तलाश में नदियों और जंगलों तक जाते हैं, लेकिन पूजा के नाम पर प्राकृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचाते हैं; प्रकृति को बचाना ही सच्ची पूजा है।
इतिहासकार डॉ. विजय शर्मा ने पर्यावरण प्रेमी स्व. शेर मोहम्मद बकमा का स्मरण करते हुए बेटियों को वस्त्र के साथ पौधे भेंट करने की परंपरा को अनुकरणीय बताया। वहीं शिक्षक रिंकल बग्गा एवं रामप्रसाद साहू ने तीजा पर्व के सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित किया। आशु कवि बघेल और रचनाकार दीवान ने काव्य पाठ से समां बांधा।
35 वर्ष बाद मिले सहपाठी, गुरुजनों का किया सम्मान
समारोह का मुख्य आकर्षण पूर्व छात्राओं का मिलन रहा। करीब साढ़े तीन दशक बाद एक मंच पर एकत्र हुईं पूर्व छात्राएं—महेश्वरी, लक्ष्मी, दुर्गा, तामेश्वरी, कलेश्वरी, हेमलता, धनेश्वरी, केशमुन लता, दुलारी, खुशबू, राजेश्वरी, तनुजा, चंद्रकला, पुष्पा और तेजन ने बचपन की यादें साझा कीं और अपने गुरु डॉ. विजय शर्मा का आत्मीय सम्मान किया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
आयोजन में महंत सुकालु साहेब, साहित्यकार गोवर्धन बघेल, कलाकार भोला चंद्राकर, ग्राम प्रमुख दयाराम चंद्राकर, खगेश यादव, लता चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पौधों की निशुल्क उपलब्धता के लिए महासमुंद डीएफओ श्रीनिवास तनेटी, एसडीओ गोविंद सिंह ठाकुर, बागबाहरा रेंजर नवीन वर्मा एवं डिप्टी रेंजर भुवनेश्वर तिवारी के प्रति आभार जताया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन सेवानिवृत्त पटवारी गणपत साहू ने और आभार प्रदर्शन दयाराम चंद्राकर ने किया।







