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हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी आज एक साथ, आस्था के दो रंगों से सजा देश; मंदिरों से घरों तक भक्तिमय माहौल

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आज धार्मिक आस्था और उत्साह का खास माहौल है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने से प्रदेशभर में दोनों पर्वों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरों से लेकर गांवों तक महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर रही हैं, वहीं गणेश भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेशोत्सव की शुरुआत कर रहे हैं।

महिलाओं ने रखा हरतालिका तीज का व्रत

हरतालिका तीज छत्तीसगढ़ में महिलाओं के प्रमुख पर्वों में शामिल है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखती हैं। कई महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शाम को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।

तीज को लेकर महिलाओं में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में साड़ी, श्रृंगार सामग्री, मेहंदी, चूड़ी और पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए भीड़ देखने को मिल रही है। घरों में भी तीज की पूजा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

गणेशोत्सव को लेकर भी उत्साह

हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी पड़ने से छत्तीसगढ़ में गणेशोत्सव का उत्साह भी चरम पर है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा, रायगढ़ और प्रदेश के अन्य शहरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है।

कई स्थानों पर आकर्षक गणेश पंडाल बनाए गए हैं। रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से पंडालों को सजाया गया है। गणपति स्थापना के बाद विशेष आरती और पूजा का आयोजन किया जाएगा। शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंडालों में पहुंचने की संभावना है।

बाजारों में बढ़ी रौनक

दो बड़े पर्व एक साथ होने से बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। फूल, फल, मिठाई, पूजा सामग्री और सजावट के सामान की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है। गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के साथ महिलाएं तीज की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री भी खरीद रही हैं।

व्यापारियों को भी दोनों त्योहारों के एक साथ पड़ने से अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

शिव-पार्वती और गणपति की होगी पूजा

हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को प्रथम पूज्य मानकर उनकी आराधना की जाती है। श्रद्धालु भगवान गणेश से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और सभी विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करेंगे।

इस खास संयोग ने छत्तीसगढ़ के धार्मिक वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया है। मंदिरों, घरों और गणेश पंडालों में पूजा-अर्चना के साथ भजन और आरती का दौर चलेगा।

सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए कई शहरों में प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। आयोजकों से भी शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव मनाने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के एक साथ आने से छत्तीसगढ़ में आज भक्ति और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर महिलाएं तीज का निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की आराधना कर रही हैं, तो दूसरी ओर गणपति बप्पा की स्थापना के साथ घर-घर और पंडालों में गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है।

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