रूस-ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले बिल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दस्तखत कर दिए है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 पर दस्तखत कर इसे कानून बना दिया है. अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया था.
US प्रेसीडेंट ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े आयातकों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले बिल पर साइन कर दिए हैं. इसमें फिलहाल भारत भी शामिल है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को H.R. 5334, यानी लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 पर दस्तखत किए. यह कानून रूस और ईरान के खिलाफ मौजूदा प्रतिबंधों को आगे बढ़ाता है.
इस कानून के तहत ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है. यह कानून राष्ट्रपति के दस्तखत के 30 दिन के भीतर प्रभावी होगा.
ट्रंप के इस कानून पर हस्ताक्षर के साथ रूस पर नए प्रतिबंधों को लेकर करीब 18 महीने से चल रही राजनीतिक कवायद खत्म हो गई. इसकी शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी.
ट्रंप के इस कानून के तहत उन देशों से आने वाले सामान पर 100% तक शुल्क लगाया जा सकता है, जो कानून बनने से पहले के 12 महीनों में कुल मात्रा के आधार पर रूस के कच्चे तेल या नेचुरल गैस के टॉप-5 खरीदारों में शामिल रहे हैं.
इस बिल को खास तौर पर भारत और चीन जैसे देशों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है, जो रूस से भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं. इस बिल का एक मकसद रूस को यूक्रेन युद्ध से रोकने के लिए दबाव बनाना भी है.
हालांकि, एक विशेष बात यह है कि यह कानून ट्रंप को इसके अमल को लेकर काफी अधिकार देता है. जैसे वह तय कर सकते हैं कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाए, टैरिफ की दर कितनी हो और प्रतिबंधों के प्रावधानों में छूट दी जाए या नहीं.