नई दिल्ली/भोपाल/रायपुर/देहरादून। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता और बदलते मौसम के बीच बारिश अब हादसों का कारण बन रही है। मध्य प्रदेश में तेज बारिश के बाद उफनते नाले में कार बहने से एक ही परिवार के सात सदस्यों और चालक समेत 8 लोगों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की जान चली गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। वहीं उत्तराखंड में केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन के बाद यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
मौसम की मार केवल इन राज्यों तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। 20 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश: उफनते नाले में बही कार, 8 लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में नलखेड़ा के पास मां बगलामुखी मंदिर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हुआ। तेज बारिश के बाद उफनते नाले के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है। इनमें ओडिशा के एक परिवार के सात सदस्य और टैक्सी चालक शामिल बताए गए हैं।
बताया गया कि परिवार उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर जा रहा था। नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ने के कारण वाहन उसकी चपेट में आ गया।
प्रशासन के अनुसार घटना से पहले पिछले 24 घंटे में क्षेत्र में करीब 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नाले पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और पुल की मांग को लेकर विरोध भी जताया।
बारिश में नदी-नालों को पार करना बन सकता है जानलेवा
इस हादसे ने एक बार फिर बरसाती नालों और छोटी पुलिया वाले रास्तों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बारिश के दौरान पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसे में पानी से भरी सड़क या नाले को पार करने की कोशिश वाहन चालकों के लिए बेहद जोखिम भरी हो सकती है।
छत्तीसगढ़: बिजली गिरने से चार लोगों की मौत, तीन घायल
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।
बलौदा विकासखंड के महुदा गांव में खेतों में काम कर रहे लोगों पर बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हुई और तीन अन्य घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इसी जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में सीमेंट फैक्टरी के पास आकाशीय बिजली गिरने से 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
24 सितंबर तक खराब मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में भी बारिश और खराब मौसम की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड: केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी बारिश के कारण परेशानी सामने आई। चिरबासा क्षेत्र के आसपास पहाड़ी से पत्थर गिरने और भूस्खलन की स्थिति के कारण यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोका गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया। बाद में स्थिति नियंत्रित होने पर यात्रा फिर शुरू की गई।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है। रास्तों पर चट्टानें और मलबा आने से यातायात तथा तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
हालांकि IMD के चारधाम सेक्टर अपडेट में 19 सितंबर को रुद्रप्रयाग-केदारनाथ मार्ग के लिए उस समय कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी, लेकिन क्षेत्र में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना बताई गई थी।
देश के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
20 सितंबर के लिए मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, सिक्किम, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की गतिविधियां रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक तक पहुंच सकती है।
पूर्वी भारत में ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। उत्तर-पूर्वी और पूर्वी क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी भी सामने आई है।
मध्य प्रदेश में अभी खत्म नहीं हुआ बारिश का खतरा
मध्य प्रदेश में भी आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बनी रह सकती है। IMD के 19 सितंबर के उप-विभागीय चेतावनी अपडेट में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 20 से 23 सितंबर तक गरज-चमक/बिजली जैसी गतिविधियों की चेतावनी और 24-25 सितंबर के लिए भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है।
मानसून की विदाई शुरू, फिर भी बारिश का दौर जारी
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अभी जारी हैं। IMD के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी सामान्य तारीख 17 सितंबर के आसपास होती है, इसलिए इस बार शुरुआत लगभग सामान्य समय के आसपास हुई है।
इसी बीच उत्तर अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके आगे बढ़कर डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना बताई गई है। इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, सिक्किम और तटीय आंध्र प्रदेश में आने वाले दिनों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
बारिश से हादसों का बढ़ा खतरा
मौजूदा मौसम में तीन तरह के खतरे विशेष रूप से सामने आ रहे हैं—
1. नदी-नालों में अचानक बढ़ता पानी:
तेज बारिश के बाद छोटे नाले भी कुछ समय में उफान पर आ सकते हैं। MP की घटना इसका गंभीर उदाहरण है।
2. आकाशीय बिजली:
खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे मौजूद लोगों के लिए बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है। छत्तीसगढ़ में हुई मौतें इसकी गंभीरता बताती हैं।
3. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन:
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान चट्टानें और मलबा सड़कों तथा पैदल मार्गों पर गिर सकता है।
प्रशासन और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। तेज बारिश के दौरान उफनते नाले, नदी या पुलिया को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल मौसम का संदेश साफ है—मानसून की विदाई भले शुरू हो गई हो, लेकिन बारिश से जुड़े खतरे अभी खत्म नहीं हुए हैं।







