आरंग संवाददाता – सोमन साहू
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साहित्य सोम संगम, सीतापुर (उत्तर प्रदेश) की दिल्ली राज्य इकाई के तत्वावधान में आयोजित भव्य ऑनलाइन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देशभर के रचनाकारों ने अपनी सशक्त लेखनी और ओजस्वी वाणी से अविस्मरणीय समां बांध दिया। संस्था के संस्थापक सोमेश तिवारी ‘सोम’ के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस साहित्यिक अनुष्ठान में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े 27 दिग्गज एवं नवोदित कवियों ने काव्य की अविरल धारा प्रवाहित की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मथुरा के रवेंद्र पाल सिंह ‘रसिक’ द्वारा प्रस्तुत सुमधुर वाणी वंदना और अंबेडकर नगर के फूलचंद विश्वकर्मा द्वारा किए गए मंगलकारी मंगलाचरण के साथ हुआ। पूरे गरिमामय मंच का सफल और रसमय संचालन दिल्ली इकाई अध्यक्ष शैलजा सक्सेना एवं प्रदेश सचिव भागीरथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से अत्यंत प्रभावशाली अंदाज में किया।
इस राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के कवियों ने अपनी माटी की सौंधी खुशबू बिखेरते हुए विशिष्ट छाप छोड़ी। सुरेंद्र अग्निहोत्री ‘आगी’, हरमन बघेल ‘हरि’, अरविंद वैष्णव ‘सैलाब’, जी. आर. टंडन तथा हरेंद्र साहू ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, माटी की संस्कृति, तीज-त्योहार, पितर पाख और सामाजिक सरोकारों पर आधारित रचनाओं के साथ-साथ चुटीले हास्य-व्यंग्य के तीरों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने ठेठ लोकजीवन के यथार्थ और उत्सवधर्मिता को जीवंत कर दिया। इसी क्रम में देश के ख्यातिप्राप्त कवि रमेशचंद्र नंदवंशी (सुल्तानपुर), रामजी लाल वर्मा (कल्याण, मुंबई) और रमन पाल सिंह (ग्रेटर नोएडा),कार्यक्रम अध्यक्ष मनोज उर ई ने अपनी ओजस्वी व विचारोत्तेजक वाणी से श्रोताओं में नए जोश का संचार करते हुए महफिल को नई ऊंचाइयां दीं।
समारोह के समापन पर मंच के संस्थापक सोमेश तिवारी ‘सोम’ ने सभी रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कविता केवल शब्दों का विलास नहीं, बल्कि समाज को झकझोरने और उसे सही दिशा दिखाने का सबसे सशक्त माध्यम है। एक जाग्रत कवि की रचनाएं स्वस्थ, स्वच्छ और विकसित समाज की नींव तैयार करती हैं। उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि संस्था का यह साहित्यिक अभियान निरंतर जारी रहेगा और नवोदित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए मंच सदैव तत्पर रहेगा।







