कुसमुंडा संवाददाता – गुरदीप सिंह
कोरबा। जिले के दीपका स्थित SECL कोयला खदान क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आउटसोर्सिंग कंपनी कलिंगा के एक भारी वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 2 करोड़ रुपये कीमत का डंपर पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और जलकर खाक हो गया। घटना के बाद खदान क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इंजन के पास से उठी चिंगारी, देखते ही देखते भड़की आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर में आग लगने की वजह इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वाहन के इंजन के आसपास अचानक चिंगारी उठी। देखते ही देखते चिंगारी ने आग का रूप ले लिया और कुछ ही समय में आग की तेज लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
भारी वाहन में आग लगते ही आसपास मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
चालक ने समय रहते कूदकर बचाई जान
हादसे के दौरान राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि डंपर चालक ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और वाहन से बाहर निकल गया। चालक के सुरक्षित बाहर निकलने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग की चपेट में आने से करोड़ों रुपये कीमत का भारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
खदान क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
डंपर में लगी आग को देखकर खदान क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया। कर्मचारियों ने तत्काल आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने की कोशिश की और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए।
घटना के बाद वाहन में आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर जांच की बात सामने आ रही है। यदि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही वजह माना जाता है, तो खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की इलेक्ट्रिकल और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, करोड़ों रुपये के डंपर के जलकर खाक होने से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद सुरक्षा मानकों और भारी वाहनों के नियमित तकनीकी निरीक्षण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।







