मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की उठाई मांग
रिपोर्ट- खिलेश साहू
धमतरी/कांकेर। धमतरी विधायक ओंकार साहू बुधवार को कांकेर में आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ में शामिल हुए। मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी बात रखी। कांकेर में इस अभियान के तहत मार्च आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
वर्तमान समय में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। इसी क्रम में आयोजित इस मार्च के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
इस अवसर पर विधायक ओंकार साहू ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव जनता का मताधिकार है। प्रत्येक नागरिक के वोट का सम्मान और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा किसी प्रकार की त्रुटि को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
विधायक ओंकार साहू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में लिए जा रहे निर्णयों को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था को लेकर जनता का विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र की प्राथमिक आवश्यकता है। प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके और उसके मत की निष्पक्षता सुनिश्चित हो, यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है।
मतदाता सूची की जांच की अपील
विधायक साहू ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च के माध्यम से मतदाता अधिकारों की रक्षा, चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने रखा गया है। उन्होंने नागरिकों से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा मतदाता सूची में अपने नाम और विवरण की जांच करने की अपील की।
मार्च के माध्यम से कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।







