रेशमा लहरे/बिलासपुर (छत्तीसगढ़) | 08 अक्टूबर 2026
सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने
“रिक्शा डिजिटल पंजीकरण एवं नागरिक सुरक्षा नेटवर्क”
योजना की शुरुआत की है। चेतना भवन, पुलिस ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में आईजी बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग और एसएसपी श्री रजनेश सिंह की उपस्थिति में इस अभियान का अनावरण किया गया।
खबर के मुख्य बिंदु:
3,000+ पंजीकरण: योजना के पहले ही दिन 3,000 से अधिक ऑटो चालकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से अपना डिजिटल रजिस्ट्रेशन कराया।

3 दिनों की समय-सीमा:
बिलासपुर पुलिस ने जिले के सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को 3 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है।
चौक-चौराहों पर अभियान:
पुलिस टीम शहर के प्रमुख तिराहों-चौराहों पर विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वाहनों का पंजीकरण सुनिश्चित करेगी।
क्यूआर (QR) कोड प्रणाली से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
चालक की पूरी पहचान:
प्रत्येक ऑटो में एक यूनिक डिजिटल आईडी और QR कोड लगा होगा। यात्री अपने मोबाइल से इसे स्कैन करके चालक का नाम, फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का विवरण तुरंत देख सकेंगे।
सुरक्षित यात्रा: महिला, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य शहरों से आने वाले यात्रियों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ेगी।
आपात स्थिति में लोकेशन व डिटेल शेयरिंग:
किसी भी आपात स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर यात्री गाड़ी और ड्राइवर की जानकारी अपने परिजनों या पुलिस के साथ सीधे शेयर कर सकेंगे।
पुलिस के पास रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड:
चालकों और वाहनों का पूरा डेटाबेस डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिससे सत्यापन और निगरानी आसान होगी।
आईजी रामगोपाल गर्ग का संदेश:
“ऑटो चालक पुलिस और समाज के अभिन्न सहयोगी हैं।
शहर के कोने-कोने से परिचित होने के कारण अपराधों को रोकने में उनकी भूमिका अहम है। डिजिटल QR कोड से यात्रियों को बिना किसी संशय के सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।”
यह योजना छत्तीसगढ़ में तकनीक के माध्यम से नागरिक सुरक्षा और सुगम यातायात की दिशा में एक मॉडल के रूप में लागू की जा रही है।







