सक्ती (बाराद्वार) – सक्ती जिले के नगर पंचायत बाराद्वार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है जहां पर नवनियुक्त एल्डरमैन का कारनामा नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वैसे तो नगर पंचायत बाराद्वार में एल्डरमैनों की नियुक्ति पर भी स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता, युवा कार्यकर्ता और वर्षों से पार्टी की सेवा करने वालों को समझ ही नहीं आया कि यह नियुक्ति का आधार क्या था।खैर नियुक्ति हुई शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई।
नवनियुक्त एल्डरमैन मनमानी पर उतारू
नवनियुक्त एल्डरमैन रविंद्र खांडे को जैसे ही जानकारी हुई कि एल्डरमैन की पहली किस्त जारी हुई है उन्होंने तुरंत ही वार्ड नंबर ग्यारह में स्थित छतदार चबूतरा का जिवणोंद्धार कार्य करवाने का मन बनाया।खैर कार्य करवाने हेतु ही इनको पद पर बिठाया गया है।
लेकिन एल्डरमैन को शायद नगर पंचायत में कार्य कैसे होता है शायद इसकी जानकारी नहीं थी या जानकारी होने के बाद भी उन्होंने मनमानी करते हुए छतदार चबूतरा में टाईल्स लगवा दिया जानकारी के मुताबिक इस कार्य की जानकारी सीएमओ, इंजिनियर सहित अन्य भी किसी को नहीं दी गई। जबकि नगर पंचायत में किसी भी निर्माण कार्य को जब कोई जनप्रतिनिधि अपनी ओर से लिखित देता है तो उसका सर्वप्रथम प्रस्ताव पास किया जाता है प्रस्ताव पास होने पर उस कार्य का इंजिनियर के द्वारा एस्टीमेट तैयार किया जाता है जिसका टी एस करवाने के पश्चात टेंडर होता है लेकिन इस कार्य में ऐसा कोई भी नियम का पालन नहीं किया गया।
एल्डरमैन के मनमानी को भाजपा संगठन का भी मिल रहा साथ
नवनियुक्त एल्डरमैन द्वारा कार्य तो करवा लिया गया लेकिन अब उसके लोकार्पण को लेकर भी वो खासे उत्साहित नजर आए उन्होंने जिला अध्यक्ष भाजपा, मंडल अध्यक्ष बाराद्वार सहित अन्य को आमंत्रित कर उक्त कार्य का लोकार्पण करवा लिया गया। लेकिन सबसे रोचक बात यह रही कि जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष के उपस्थिति के बाद भी इस कार्यक्रम से नगर के लगभग सभी जनप्रतिनिधि सहित सी एम ओ एवं इंजिनियर शामिल नहीं हुए। सवाल यह उठता है कि क्या सभी विषयों की जानकारी के बावजूद सत्ता पक्ष के जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष ने कार्यक्रम में सहभागिता की या उन्हें जानकारी ही नहीं थी लेकिन चर्चा यह भी है कि जब जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल होने आए तो उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी से संपर्क तो जरूर किया होगा या अपने चहेते एल्डरमैन के लिए उन्होंने भी सभी नियमों को किनारे कर दिया।
एल्डरमैन के इस कारनामे की आखिरी कड़ी अभी शेष है क्योंकि वार्डवासी और जानकारों की मानें तो जिवणोंद्धार कार्य में सिर्फ चबूतरे में टाईल्स लगवाया गया और यह कार्य लगभग 15 से 20000 रू का किया गया है अब देखना होगा कि एल्डरमैन जिन्होंने खुद यह कार्य किया है इसका बिल भुगतान किसके नाम पर करवाते हैं और वह राशि कितनी होती है







