खिलेश नाग/नगरी। भाई-बहन का रिश्ता प्रेम, स्नेह और बचपन की अनमोल यादों से जुड़ा होता है। इस खूबसूरत रिश्ते को अपनी अनूठी कलाकारी के जरिए जीवंत किया है नगरी क्षेत्र के ग्राम मोदे निवासी विकास शांडिल्य ने। उन्होंने रबर के पत्तों पर भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाती एक आकर्षक आकृति उकेरी है, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
विकास की इस कलाकृति में बड़ी बहन अपने छोटे भाई का हाथ थामकर रास्ते पर आगे बढ़ती नजर आती है। वहीं, उनके आगे चलता एक कुत्ता इस दृश्य को और भी जीवंत बना देता है। यह कलाकृति बचपन के उन खूबसूरत पलों की याद दिलाती है, जब बड़े भाई-बहन छोटे भाई-बहनों का हाथ पकड़कर उन्हें रास्ता दिखाते हैं और हर कदम पर उनकी देखभाल करते हैं।
रबर के पत्तों पर इतनी बारीकी से इस दृश्य को उकेरना विकास शांडिल्य की रचनात्मक सोच और कलात्मक प्रतिभा को दर्शाता है। उनकी यह अनूठी कृति न केवल कला के प्रति उनके लगाव को प्रदर्शित करती है, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में छिपे अपनापन, विश्वास और सुरक्षा के भावों को भी खूबसूरती से अभिव्यक्त करती है।
पत्तों पर उकेरी गई यह तस्वीर सिर्फ एक कलाकृति नहीं, बल्कि बचपन की मासूमियत और रिश्तों की मिठास को समेटे एक खूबसूरत एहसास है। विकास शांडिल्य की इस पहल ने यह साबित किया है कि कला के लिए किसी महंगे साधन की नहीं, बल्कि कल्पनाशीलता, लगन और संवेदनशील सोच की जरूरत होती है। उनकी यह कलाकृति लोगों को अपने बचपन की यादों से जोड़ने के साथ ही भाई-बहन के अनमोल रिश्ते की अहमियत का संदेश भी दे रही है।







