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SIR के विरोध में दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन आज, रामलीला मैदान में जुटेंगे INDIA ब्लॉक के नेता; CEC के इस्तीफे की मांग तेज

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों ने रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है। INDIA ब्लॉक के बैनर तले होने वाली इस रैली में कांग्रेस सहित विपक्ष के कई प्रमुख दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के शामिल होने की उम्मीद है।

रैली को लेकर रामलीला मैदान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंच, पंडाल, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। विपक्ष ने इस आयोजन को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से जोड़ते हुए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा बनाया है। प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।

दोपहर 12 बजे निकलेगा विपक्षी नेताओं का मार्च

रविवार को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दोपहर 12 बजे दिल्ली के मिंटो रोड- कनॉट प्लेस जंक्शन से प्रस्तावित मार्च के साथ होगी। विपक्षी दलों के नेता यहां से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगे। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से वरिष्ठ नेता खुली बसों के जरिए मार्च के शुरुआती स्थल तक पहुंचेंगे।

इस आयोजन में INDIA ब्लॉक के करीब 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है। मुख्य रैली का कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के गंभीर आरोप

विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न हो।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी आपत्ति जताई है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण होगा।

राहुल गांधी ने लोगों से की मार्च में शामिल होने की अपील

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्लीवासियों और देश के नागरिकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने मिंटो रोड से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च का मार्ग साझा किया।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सहित कई नेताओं ने भी लोगों से संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।

CJP ने जताया समर्थन, भागीदारी को लेकर स्थिति अलग

इस रैली को लेकर कॉकroach जनता पार्टी (CJP) भी चर्चा में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने INDIA ब्लॉक के 1 नवंबर के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।

हालांकि, समर्थन की घोषणा और रैली में नेताओं की प्रत्यक्ष मौजूदगी अलग-अलग विषय हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, CJP के संस्थापक या अन्य प्रतिनिधियों की मंच पर अथवा रैली में औपचारिक भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। पार्टी ने अपने बयान में निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा पर जोर दिया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

विपक्ष की इस बड़ी रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। रामलीला मैदान और मार्च के निर्धारित मार्ग पर 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी।

मैदान को 14 सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है। निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरे, ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

रैली में विपक्ष की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने लगभग 50 हजार लोगों की संभावित उपस्थिति को ध्यान में रखकर व्यवस्था की है।

दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन

रैली और मार्च के चलते रविवार को मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। दिल्ली पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन की व्यवस्था की है।

ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। मिंटो रोड, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग और देशबंधु गुप्ता रोड पर भी यातायात का दबाव बढ़ सकता है। पुलिस ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।

SIR के मुद्दे पर आगे और तेज हो सकती है राजनीतिक लड़ाई

रामलीला मैदान की यह रैली INDIA ब्लॉक के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर मानी जा रही है। विपक्ष जहां इसे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, वहीं इस प्रदर्शन के जरिए निर्वाचन आयोग पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाने की रणनीति भी दिखाई दे रही है।

अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि रैली में कितनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और विपक्षी नेता अपने संबोधन में SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के मुद्दे को किस तरह उठाते हैं।

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