बिलासपुर संवाददाता – रेशमा लहरे
26 वर्षों से अरपा तट पर सज रहा लोक आस्था का महापर्व, 15 नवंबर को संध्या और 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
बिलासपुर। अरपा नदी के तट पर छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार, 1 नवंबर को तोरवा छठ घाट पर छठ पूजा समिति के कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया।
सुबह 11 बजे मंगलाचरण और छठी मैया के जयघोष के बीच समाज के वरिष्ठजनों एवं समिति के पदाधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही छठ महापर्व 2026 के आयोजन की औपचारिक तैयारियों का आगाज हो गया।
बिलासपुर में पिछले 26 वर्षों से पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज और सहजानंद समाज के सहयोग से सामूहिक रूप से छठ महापर्व मनाया जा रहा है। समय के साथ यह आयोजन किसी एक समाज तक सीमित न रहकर पूरे शहर की साझा सांस्कृतिक पहचान बन गया है। तोरवा स्थित छठ घाट को एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित स्थायी छठ घाट के रूप में भी पहचान मिली है। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु सूर्योपासना और छठी मैया की आराधना के लिए पहुंचते हैं।
घाट की सफाई और साज-सज्जा की तैयारियां शुरू
पूजा कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही छठ घाट की सफाई, रंग-रोगन, पुल की पुताई, सजावट और विद्युत व्यवस्था की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समिति ने आयोजन की रूपरेखा तैयार कर पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का वितरण भी किया। दिवाली के बाद तैयारियों में और तेजी आएगी। समिति का प्रयास है कि व्रतियों और श्रद्धालुओं को घाट पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
छठ पूजा समिति ने कार्यालय का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया है। इस दौरान समिति के पदाधिकारी स्थानीय एवं बाहर से आने वाले छठव्रतियों को पर्व और आयोजन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
13 नवंबर को नहाय-खाय, 15 को संध्या अर्घ्य
इस वर्ष चार दिवसीय छठ महापर्व के अनुष्ठान 13 नवंबर से शुरू होंगे। पहले दिन नहाय-खाय के साथ पर्व का शुभारंभ होगा। इसी दिन अरपा मैया की महाआरती भी आयोजित की जाएगी। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को प्रातः अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा।
छठ पर्व सूर्योपासना के साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, शुद्धता, संयम और तपस्या का संदेश देता है। इसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर कृतज्ञता प्रकट की जाती है और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख, समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की जाती है।
पूरे शहर का उत्सव बन चुका है छठ महापर्व
बिलासपुर में छठ महापर्व अब केवल एक समाज का धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे शहर की सांस्कृतिक परंपरा बन चुका है। संध्या अर्घ्य के दौरान हजारों श्रद्धालु अरपा तट पर जुटते हैं। घाट पर सजे फल और सूप, दीपों की रोशनी, पारंपरिक छठ गीत और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते व्रतियों की कतारें श्रद्धा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती हैं।
बिलासपुर से बाहर रहने वाले अनेक परिवार भी इस अवसर पर अपने घर लौटते हैं।
स्थानीय नागरिकों की अरपा महाआरती और संध्या आरती में सहभागिता आयोजन को और व्यापक बनाती है। छठ घाट पर उमड़ने वाली भीड़ और सामूहिक भागीदारी शहर की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का परिचय देती है।
समिति के पदाधिकारी और सदस्य जुटे तैयारियों में
छठ पूजा समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा और सचिव विनोद सिंह सहित पदाधिकारियों में डॉ. धर्मेंद्र कुमार दास, सुधीर झा, ए.के. कंठ, लव कुमार ओझा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, धनंजय झा, प्रशांत सिंह, हरिशंकर कुशवाहा, दिलीप चौधरी, राकेश दीक्षित और डॉ. कुमुद रंजन सिंह शामिल हैं।
कार्यकारिणी सदस्यों में पी.सी. झा, चंद्र किशोर प्रसाद, अजीत पंडित, प्रमोद सिंह, संजय शर्मा, रामसखा चौधरी, मुकेश झा, चंदन सिंह, राजीव गिरी, निर्भय चौधरी, दिलीप श्रीवास, विकास राय, सतीश सिंह, विनोद सिन्हा, हेमंत झा, जितेंद्र ठाकुर, सी.एम. सिंह, परमेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, रविंद्र सिंह, आशीष मिश्रा, अंबिकेश पांडे, रविंद्र कुशवाहा, शौलेंद्र सिंह, रुपेश कुशवाह, शशि मिश्रा, आदित्य सिंह, राजीव सिंह, मुन्ना सिंह, अमरकांत तिवारी और राम गोस्वामी शामिल हैं।
समिति के संरक्षक मंडल में एच.पी.एस. चौहान, एस.पी. सिंह, व्ही.एन. झा, डॉ. बृजेश सिंह, आर.पी. सिंह, अशोक झा, एस.के. सिंह, विजय ओझा, गणेश गिरी और अभय नारायण राय शामिल हैं।
कार्यालय शुभारंभ अवसर पर एन.पी. शर्मा, संजय सिंह, बबलू कश्यप, बी.बी. तिवारी, सुरेंद्र प्रताप सिंह, नवल किशोर सिंह, धीरज झा, अनिल सिंह, भरत भूषण झा, दिलीप श्रीवास, निर्भय चौधरी, रामजन्म विश्वकर्मा, लव दीक्षित, शशि मिश्रा, सतीश सिंह, विशाल श्रीवास, विनोद पांडे, बृजराज सिंह, रामदेव यादव, कन्हैया चौधरी, चंदन सिंह, नागेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, रविंद्र कुशवाहा, हर्ष सिंह, सुरेश सिंह, नरेश मिश्रा और विकास राय सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।







