संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
देवरी और कमरीद के नदी-नाला किनारे संचालित अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर कार्रवाई, चढ़ी भट्ठी भी बरामद; अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
जिला जांजगीर-चांपा । जिले में अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के
निर्देशानुसार तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री योगेश्वर कुमार द्विवेदी के विशेष मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने 3 नवंबर 2026 को देवरी और कमरीद के सबरिया डेरों में दबिश देकर अवैध महुआ शराब बनाने के ठिकानों का पर्दाफाश किया।
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम को देवरी सबरिया डेरा में नदी किनारे अवैध रूप से संचालित एक चढ़ी भट्ठी मिली। मौके से 90 लीटर महुआ शराब और लगभग 600 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। वहीं, दूसरी कार्रवाई कमरीद सबरिया डेरा में नाला किनारे की गई, जहां से 40 लीटर महुआ शराब तथा 500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया।
दोनों स्थानों से कुल 130 लीटर अवैध महुआ शराब और 1100 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद होना जिले में अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है। आबकारी विभाग ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(1)(च) एवं 34(2) के तहत प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

नदी-नालों के किनारे चल रहा था अवैध शराब निर्माण का खेल
नदी और नालों के किनारे छिपकर महुआ शराब बनाने के लिए भट्ठियां संचालित करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आमजन के स्वास्थ्य और सामाजिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग द्वारा लगातार निगरानी और छापेमार कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
आबकारी टीम की सक्रियता से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक विकास पाल सांडे, यीवरेश कुमार, दीपक ठाकुर, मनीष साहू, विजयेंद्र टंडन, गुलशन साहू, देवेंद्र तान्डे तथा मुख्य आरक्षक राजेश पांडेय, मुकेश शर्मा, देवदत्त जायसवाल, आरक्षक गीता कमल, अंशु पाटनवार एवं नगर सेना के जवानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्रवाई के साथ स्थायी निगरानी भी जरूरी
जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए केवल छापेमार कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। ऐसे ठिकानों की नियमित निगरानी, अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान और शराब की आपूर्ति के संभावित नेटवर्क की जांच भी जरूरी है। विशेषकर नदी-नालों और सुनसान क्षेत्रों में संचालित होने वाली अवैध भट्ठियों पर लगातार नजर रखी जानी चाहिए।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश और आबकारी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध प्रशासन की सक्रियता का संदेश देती है। अब जरूरत है कि इस अभियान को निरंतर जारी रखते हुए जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी सघन जांच की जाए, ताकि अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।







