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धान खरीदी की तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों की सुविधा सुनिश्चित करें कलेक्टर

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एमसीबी संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव
समय-सीमा की बैठक में कृषि, पशुपालन एवं खाद्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा, लंबित बैंक प्रकरणों और केसीसी के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश
पीएम किसान योजना में 38,129 किसानों का पंजीयन, फसल बीमा के 35,499 आवेदन, धान खरीदी के लिए बारदानों की उपलब्धता पर विशेष जोर
एमसीबी/06 नवम्बर 2026/ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, लंबित जनशिकायतों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। आगामी धान खरीदी को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने तथा उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनशिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, प्रधानमंत्री पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन, पारस पोर्टल एवं लोक सेवा केंद्र से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न करें, बल्कि आवेदकों की समस्याओं का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। सभी लंबित प्रकरणों की जानकारी संबंधित पोर्टल पर समय पर अपडेट करने और निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
किसानों के लंबित बैंक प्रकरणों और केसीसी का शीघ्र निराकरण करें
कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), बैंक ऋण एवं अन्य लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक और विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसानों व पशुपालकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 470 तथा वर्ष 2026-27 में 468 हितग्राहियों को लक्ष्य के अनुरूप लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार सूकर त्रयी योजना में 22, अनुदान पर नर बकरा वितरण योजना में 33 तथा उन्नत मादा वत्स पालन योजना में 40 हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया है। कलेक्टर ने पशुपालन आधारित स्वरोजगार योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
पीएम किसान योजना में शेष पात्र किसानों का पंजीयन शीघ्र पूरा करें
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले के कुल 46,095 किसानों में से 38,129 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है, जो 82.71 प्रतिशत है। वहीं 28,234 सक्रिय पीएम किसान हितग्राहियों में से 23,462 किसानों का एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी पंजीयन दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने शेष पात्र किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 में 35,499 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि खरीफ 2025 में 29,531 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसी प्रकार बीमित रकबा 13,773 हेक्टेयर से बढ़कर 16,420 हेक्टेयर हो गया है। कलेक्टर ने फसल बीमा के प्रति किसानों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश
कृषक उन्नति योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एकीकृत किसान पोर्टल पर पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने तथा फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। उन्होंने किसानों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी से पहले बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बारदानों की उपलब्धता, संग्रहण एवं वितरण की जानकारी ली। विभागीय विवरण के अनुसार खड़गवां विकासखंड एवं नगर पालिक निगम चिरमिरी क्षेत्र की 81 उचित मूल्य दुकानों में अप्रैल से नवम्बर 2026 तक कुल 1,68,180 बारदानों की आवश्यकता दर्ज की गई है। इसके विरुद्ध समितियों एवं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 12,900 तथा विपणन संघ के गोदामों में 86,789 सहित कुल 99,689 बारदानों की उपलब्धता दर्ज की गई है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बारदानों की शेष आवश्यकता की पूर्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान विक्रय के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
फोर्टिफाइड चावल की उपलब्धता एवं भंडारण की समीक्षा
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत नवम्बर 2026 से फरवरी 2027 तक खाद्यान्न वितरण के लिए फोर्टिफाइड चावल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के प्रदाय केंद्रों में वर्तमान में 11,943.59 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध है। नवम्बर माह के आवंटन के लिए 2,817.75 क्विंटल तथा दिसम्बर 2026 से फरवरी 2027 तक 38,898.30 क्विंटल चावल के भंडारण की आवश्यकता बताई गई। इसके अतिरिक्त खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के उपार्जित धान से 3,550 क्विंटल चावल जमा कराया जाना शेष है। विभागीय आकलन के अनुसार जिले में 26,222.46 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल की कमी है, जिसकी पूर्ति के लिए शासन से अतिरिक्त आवंटन का अनुरोध किया गया है।
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों, पशुपालकों एवं आम नागरिकों से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने लंबित बैंक प्रकरणों के निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, खाद्यान्न की उपलब्धता तथा आगामी धान खरीदी की तैयारियों में विभागीय समन्वय के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए।

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