छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि वे राहत चाहते हैं, तो नई याचिका दायर करें, जो केवल उनके व्यक्तिगत मामले से संबंधित हो ।
इससे पहले, चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था ।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आरोप है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिन्हें उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सफेद धन में परिवर्तित किया ।
वर्तमान में, चैतन्य बघेल 6 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं और जेल में बंद हैं ।









