कोरबा संवाददाता – गुरदीप सिंह
गेवरा/कोरबा, 14 अप्रैल 2026
एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के भठोरा फेस में मंगलवार सुबह 7 बजे से उत्पादन और परिवहन पूरी तरह बंद है। ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने पुनर्वास, बसाहट और रोजगार की मांगों को लेकर खदान बंद कर हल्लाबोल प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्राम पंचायत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौके पर डटे हैं।
क्या है ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जिला प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन और ग्राम नराईबोध के बीच त्रिपक्षीय बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ। प्रमुख मांगें:

– बसाहट और पुनर्वास: प्रभावित परिवारों को नागरिक सुविधाओं के साथ उचित बसाहट स्थल दिया जाए।
– मकान नापी: पहले छूट गए मकानों की GPS से पारदर्शी नापी कर उचित मुआवजा दिया जाए।
– वैकल्पिक रोजगार: समझौते के तहत आउटसोर्सिंग कंपनी PNC में 70% पदों पर स्थानीय प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता मिले।
– विकास कार्य: बसाहट स्थल पर रुके हुए विकास कार्य तत्काल शुरू किए जाएं।
आगे की चेतावनी
ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया कि यह सांकेतिक विरोध नहीं है। यदि प्रबंधन और प्रशासन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो 15 अप्रैल 2026 से खदान के पास पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
पार्षद अमिला राकेश पटेल ने कहा, “प्रबंधन बार-बार सिर्फ आश्वासन देता है। धरातल पर कुछ नहीं हुआ। जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी।”

मौके के हालात
समाचार लिखे जाने तक भठोरा फेस में उत्पादन और डिस्पैच दोनों बंद हैं। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई वरिष्ठ अधिकारी अब तक वार्ता के लिए नहीं पहुंचा है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है।
फिलहाल एसईसीएल प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।







