कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। अक्सर देखा जाता है कि पीएफ खाते में छोटी सी तकनीकी गलती या गलत जानकारी की वजह से लोगों का पैसा फंस जाता है और फिर ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटते-काटते पसीने छूट जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा! ईपीएफओ ने एक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है, जिससे अब आप अपने घर बैठे पीएफ खाते की एक बड़ी गड़बड़ी को खुद ही ठीक कर सकेंगे। आइए जानते हैं क्या है यह नया नियम और इससे आपको क्या फायदा होगा।
पीएफ खाताधारकों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी तब होती है जब उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से कोई गलत पीएफ खाता संख्या यानी मेंबर आईडी जुड़ जाती है। अब ईपीएफओ ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है, जिससे आप गलत आईडी को ऑनलाइन डी-लिंक(हटा) सकेंगे।
अब पैसा जमा होने पर भी मिलेगी राहत
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब उन आईडी को भी ऑनलाइन हटाया जा सकेगा, जिनमें कंपनी ने गलती से पैसा जमा कर दिया है। पहले यह सुविधा सिर्फ उन्हीं खातों के लिए थी जिनमें कोई पैसा जमा नहीं हुआ था। अब नए सिस्टम के तहत यदि गलती से रकम जमा हो गई है, तो भी आप उसे हटाने का अनुरोध कर सकते हैं।
कैसे करें सुधार?
- सदस्य को सबसे पहले ईपीएफओ (EPFO) के ‘मेंबर पोर्टल’ पर लॉगिन करके अपनी गलत आईडी को हटाने का अनुरोध करना होगा।
- यह अनुरोध सीधे आपकी कंपनी/नियोक्ता के पास जाएगा। यदि कंपनी इसे स्वीकार कर लेती है, तो आईडी तुरंत हट जाएगी।
- यदि कंपनी दो हफ्ते तक कोई जवाब नहीं देती या उस आईडी में 2 से 6 बार पैसा जमा हुआ है, तो यह मामला रीजनल ऑफिस भेजा जाएगा। वहां जांच के बाद इसे मंजूर या रद्द किया जाएगा।
इन शर्तों का रखें ध्यान
- आपका मोबाइल नंबर और आधार कार्ड यूएएन (UAN) से लिंक होना अनिवार्य है।
- अगर किसी आईडी में 6 से ज्यादा बार पैसे जमा हुए हैं, तो उसे ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकेगा।
- यदि उस आईडी पर पहले से कोई क्लेम पेंडिंग है या सेटल हो चुका है, तो अनुरोध खारिज कर दिया जाएगा।







