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“सहारे से आत्मनिर्भरता तक : मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल से बदलेगी अनिल की जिंदगी

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संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

सफलता की कहानी
‘अब रास्ता मुश्किल नहीं, सपने आसान लगने लगे हैं’

बिलासपुर, 9 मई,2026/ कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा में रहने वाले दिव्यांग छात्र अनिल कुमार के लिए स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं था। रोज़ लंबी दूरी तय करना, दूसरों पर निर्भर रहना और कठिन रास्तों से गुजरना उनकी पढ़ाई के रास्ते में बड़ी बाधा बन चुका था। लेकिन अनिल ने कभी अपने सपनों को हारने नहीं दिया। सुशासन तिहार के तहत बानाबेल में आयोजित समाधान शिविर में अनिल ने आवेदन दिया जहाँ उन्हें त्वरित सहायता मिली। उन्होंने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
बानाबेल में आयोजित शिविर में जब अधिकारियों ने अनिल की समस्या सुनी, तो तुरंत सहायता प्रदान करते हुए उन्हें मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल उपलब्ध कराई गई। अनिल ७० प्रतिशत दिव्यांग है, ट्राइसिकल मिलते ही अनिल के चेहरे पर जो मुस्कान आई, वह सिर्फ एक वाहन मिलने की खुशी नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की नई उम्मीद थी। अब अनिल बिना किसी सहारे के आसानी से स्कूल जा सकेंगे। उनके परिवार की चिंता भी कम हुई है। अनिल बताते वह १२ विन के छात्र हैं स्कूल १२ किलोमीटर दूर है “पहले स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी थी, लेकिन अब मेरी मुश्किलें आसान हो गई हैं। अब मैं अपने सपनों को पूरा कर सकता हूं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि शासन की यह मदद उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है।

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