Home चर्चा में कोसीर गांव नवीन महाविद्यालय की आखिर कब होगी स्थापना – साहित्यकार पत्रकार...

कोसीर गांव नवीन महाविद्यालय की आखिर कब होगी स्थापना – साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे

14
0

लक्ष्मीनारायण लहरे
सारंगढ़ । सारंगढ़ जिला मुख्यालय से 16 किलो मीटर दूर गांव कोसीर की बसाहट है। यह गांव ऐतिहासिक नगरी है जहां कल्चुरिन सभ्यता की देवी मंदिर स्थित है। यह अनुसूचित बाहुल्य क्षेत्र है । सारंगढ़ अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे पिछले 20 वर्षों से विभिन्न माध्यम से गांव में नवीन महाविद्यालय की मांग करते है रहे हैं भाजपा की सरकार में लोक सुराज हो चाहे सुशासन तिहार सभी में कॉलेज की मांग रख चुके हैं इस वर्ष भी कॉलेज की मांग को प्रमुखता से तिहार में जाकर रखेंगे ।उन्होंने कहा मेरे द्वारा लंबे समय से गांव की समस्या और मांगें रखी जा रही है । पर शासन प्रशासन इस ओर कब ध्यान देगी यह कह पाना संभव नहीं है । कोसीर मुख्यालय के गांव उच्चभिट्ठी में 21 मई आज दोपहर 3बजे से 6 बजे तक सुशासन तिहार 2026का आयोजन रखा गया है ।

इस क्लस्टर में कोसीर, भांठागांव, बटाऊपाली, मुड़वाभाठा, पाट,सिलयारी ,रिंवापार,कुम्हारी , लेंधरा,गाताडीह, सहित कुल 19 गांव के ग्रामीण इस तिहार में उपस्थित होकर अपनी मांग या शिकायत, समस्या को जिला तक पहुंचा सकते हैं । पूर्व वर्ष में सुशासन तिहार कोसीर गांव में हुआ था । कोसीर अंचल के बी डी सी ने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिख कर कोसीर में कराने की मांग हुई थी पर उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई । कोसीर गांव एक बड़ा गांव है जहां 10 हजार की जन संख्या है । यहां सुशासन तिहार 2026 का आयोजन होना था पर न हो सका।

लहरे ने अपने फैस बुक के माध्यम से सोशल मीडिया में अंचल वासियों से एक निवेदन किया हैं अपनी समस्या और मांग को पत्र के माध्यम से जरूर रखें पूरा होता है तो ठीक है नहीं होता है तो अनुभव साथ होगा
कोसीर गांव में नवीन कॉलेज की मांग के लिए युवा एक एक आवेदन जरूर करें ….
कोसीर गांव की ऐतिहासिक मंदिर को ग्रामीण पर्यटन में जोड़ने की मांग रखें …
मिरौनी बैराज महानदी सिंघनपुर घाट को पर्यटन स्थल की मांग रखे…
कोसीर बौद्ध बिहार में विकास के लिए बाल उद्यान, एवं दार्शनिक स्थल में जोड़ने की मांग ,
कोसीर गांव की जीवन दायिनी बांधा तालाब का जीर्णोद्धार आदि …
बहुत ऐसे विषय हैं अपने अपने गांव के लिए एक आवेदन जरूर लिखे । इस प्रकार अपने अंचल के बातों को तिहार के माध्यम से रखेंगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here