वीरेंद्र तिवारी –
बतौली थाना के नए भवन निर्माण कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिलित कर ढलाई करने के बाद 7दिन बाद भी उन पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव (क्योरिंग) नहीं किया गया है। निर्माण कार्य में क्योरिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिससे सीमेंट और कंक्रीट को आवश्यक मजबूती प्राप्त होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार निर्माण के लगभग सात दिनों बाद भी उचित देखरेख नहीं की गई, जिससे भवन की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया जाता है, तो भविष्य में भवन की सुरक्षा और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की जांच कराए जाने तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शासन द्वारा निर्माण कार्यों पर बड़ी राशि खर्च की जाती है, इसलिए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।








