कोंडागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
प्राचार्य कक्ष से उठी लपटें, परिसर में मची अफरा-तफरी
केशकाल। नगर स्थित शासकीय दंडकारण्य महाविद्यालय में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में अचानक आग लग गई। घटना के समय महाविद्यालय में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं संचालित हो रही थीं। अचानक धुआं और आग की लपटें दिखाई देने से कुछ देर के लिए परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्राचार्य कक्ष से धुआं निकलता देख महाविद्यालय के कर्मचारियों और शिक्षकों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही महाविद्यालय प्रशासन सक्रिय हुआ और तत्काल इसकी सूचना केशकाल पुलिस को दी गई।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग लगने का कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्राचार्य कक्ष में विद्युत तारों में अचानक आई खराबी के कारण चिंगारी निकली, जिसने आग का रूप ले लिया। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
परीक्षा व्यवस्था पर नहीं पड़ा बड़ा असर
घटना के दौरान महाविद्यालय में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही थीं। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। कर्मचारियों और शिक्षकों की तत्परता के चलते स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया, जिससे परीक्षा कार्य पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
नुकसान का किया जा रहा आकलन
आग की घटना में महाविद्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज, फर्नीचर, विद्युत उपकरण अथवा अन्य सामग्री को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। संबंधित विभाग और महाविद्यालय प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक क्षति की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस और प्रशासन जुटा जांच में
घटना की सूचना मिलने के बाद केशकाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों और नुकसान की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी दुर्घटना टली
समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि आग तेजी से फैलती तो महाविद्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती थी। महाविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की तत्परता और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।








