युसूफ खान/बलरामपुर।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी का संवेदनशील और मानवीय चेहरा उस समय देखने को मिला, जब अपनी फरियाद लेकर पहुंचे एक दृष्टिबाधित व्यक्ति से मिलने के लिए उन्होंने अपनी कुर्सी छोड़ दी और स्वयं उसके पास जाकर उसकी पूरी बात गंभीरता से सुनी।
जनदर्शन के दौरान पहुंचे दृष्टिबाधित फरियादी की समस्या को कलेक्टर ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर के इस व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। लोगों ने कहा कि प्रशासन का यह मानवीय स्वरूप आम नागरिकों में विश्वास और अपनापन पैदा करता है। कलेक्टर का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ संवेदनशीलता और मानवता भी सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।








