बलरामपुर-रामानुजगंज। संवाददाता: युसूफ खान
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। गिरवानी नहर परियोजना के तहत लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही कंक्रीट नहर पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और कई स्थानों पर टूटकर बिखर गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नहर पहली ही बारिश में धराशायी हो गई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और संभावित भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है।
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता तो नहर इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती।
इस घटना ने जिले में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए ताकि करोड़ों रुपये के इस निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
। ग्रामीण प्रशासन से शीघ्र जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।








