कोंडागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिला मुख्यालय में शनिवार 18 जुलाई 2026 को आयोजित विभिन्न शिक्षक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। देवांगन भवन में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से ‘शिक्षक एकता मंच’ के गठन की घोषणा की गई। इस मंच का उद्देश्य प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर शासन के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से रखना है।
बैठक की अध्यक्षता संकुल समन्वयक शिक्षक संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामचंद सोनवंशी ने की। बैठक में उपस्थित विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि अलग-अलग संगठनों द्वारा अलग-अलग स्तर पर आंदोलन और मांगें रखने की बजाय यदि सभी संगठन संयुक्त रूप से कार्य करेंगे तो शासन तक उनकी बात अधिक मजबूती और प्रभाव के साथ पहुंचेगी।
बैठक में शिक्षकों की प्रमुख लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें वेतन विसंगति का निराकरण, पदोन्नति, क्रमोन्नति, महंगाई भत्ते की स्वीकृति तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से इन मांगों के समाधान नहीं होने से शिक्षकों में निराशा का माहौल है, जिसे दूर करने के लिए एकजुट प्रयास आवश्यक हैं।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘शिक्षक एकता मंच’ संयुक्त कार्रवाई समिति (Joint Action Committee) के रूप में कार्य करेगा, जिससे शासन के साथ संवाद अधिक स्पष्ट, संगठित और प्रभावी बनाया जा सके। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से प्रदेशभर के लाखों शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी जायज मांगों के समाधान का रास्ता भी मजबूत होगा।
बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त 2026 को प्रांतीय नेतृत्व से मुलाकात कर उन्हें शिक्षक एकता मंच में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया जाएगा। साथ ही कोंडागांव जिले के सभी शिक्षक संगठनों के जिला अध्यक्षों को इस मंच में अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 16 अगस्त 2026 को समस्त प्रांतीय अध्यक्षों की सहमति से कोंडागांव में एक वृहद प्रांतीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में छत्तीसगढ़ शिक्षक एसोसिएशन के मन्ना राम नेताम, संयुक्त शिक्षक संघ के कौशल नेताम, शिक्षक संघ के निर्मल शार्दुल, शिक्षक फेडरेशन के लोकेश गायकवाड, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक संघ के मदन राठौर, संकुल समन्वयक शिक्षक संघ के सुभाऊ राम नेताम, छत्तीसगढ़ वेलफेयर एसोसिएशन के पवन कुमार साहू, श्रीमती नेमी सिन्हा, श्रीमती देवीका मसराम, रामदेव कौशिक सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शिक्षक संगठनों ने उम्मीद जताई कि ‘शिक्षक एकता मंच’ के गठन से शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक नई शुरुआत होगी और प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों की एकजुटता भविष्य में एक मजबूत आंदोलन का आधार बनेगी।







