निलेश सिंह/दल्ली राजहरा:
दल्ली राजहरा नगर पालिका के वार्ड संख्या 03 की जनता पिछले लगभग तीन माह से खराब विद्युत केबल के कारण लगातार अंधेरे और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और दिन-प्रतिदिन की गतिविधियाँ बाधित हो रही हैं। [वार्ड-03 के पार्षद व नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने यह जानकारी दी।]मनोज दुबे ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारी एवं स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा विद्युत विभाग को समस्या की बार‑बार मौखिक सूचना दी जा चुकी है, बावजूद इसके वार्ड-03 में केबल बदलने का कोई ठोस कार्य आज तक नहीं हुआ, जबकि अन्य वार्ड (क्रमांक 21, 24, 27 एवं 02) में केबल बदलने की व्यवस्था कर दी गई है। यह चयनात्मक उपेक्षा नागरिकों में गहरा आक्रोश उत्पन्न कर रही है।उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या वार्ड‑03 के निवासियों के साथ यह भेदभाव किसी राजनीतिक दबाव के कारण किया जा रहा है, और अगर ऐसा है तो ऐसे दबाव के कारण जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना न केवल अनैतिक है
बल्कि कानून और जनहित के विरुद्ध भी है। मनोज दुबे ने स्पष्ट किया कि यदि खराब केबल के कारण कोई दुर्घटना या जनहानि हुई, तो उसकी सम्पूर्ण नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी विद्युत विभाग तथा संबंधित अधिकारियों की होगी।पार्षद मनोज दुबे ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि वार्ड‑03 में खराब केबल को तत्काल बदला जाए तथा विद्युत व्यवस्था शीघ्र बहाल की जाए; अन्यथा नगर पालिका के माध्यम से सक्षम अधिकारियों को औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की जाएगी तथा लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीकों से जनआंदोलन किया जाएगा।उल्लेखनीय बिंदु:समस्या की अवधि: लगभग तीन माह से लगातार खराब केबल तथा अनियमित/घुटनयुक्त विद्युत आपूर्ति।पहले की सूचनाएँ: नगर पालिका कर्मचारी एवं स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा विद्युत विभाग को मौखिक रूप से कई बार अवगत कराया जा चुका है।असंतोष का कारण: अन्य वार्डों में केबल बदलने के बावजूद वार्ड‑03 की उपेक्षा और संभावित राजनीतिक दबाव पर संदेह।
माँगें:
(1) तुरंत केबल बदलकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था बहाल करना;
(2) जिन अधिकारियों/कर्मियों की लापरवाही रही है उनकी जांच और जवाबदेही;
(3) भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना एवं जनता को सूचित करने का आश्वासन।एक वक्तव्य में मनोज दुबे ने कहा, “जनहित सर्वोपरि है — वार्ड क्रमांक 03 की जनता अब और उपेक्षा सहन नहीं करेगी।”







