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सावन मास की शुरुआत: रायपुर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, महापौर मीनल चौबे ने जारी किए कड़े निर्देश

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
पवित्र सावन महीने का आगमन होते ही राजधानी रायपुर में धार्मिक उल्लास का माहौल बनने लगा है। इस पावन अवसर पर शिव भक्तों और कांवड़ियों की सुविधा तथा आस्था को ध्यान में रखते हुए रायपुर नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख कांवड़ यात्रा मार्गों पर खुले में मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। महापौर मीनल चौबे ने इस संबंध में अधिकारियों की एक आपात समीक्षा बैठक बुलाई और सभी जोन कमिश्नरों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों का सख्ती से पालन कराएं।
ऑनलाइन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जोन कमिश्नरों की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक ली। इस बैठक में सावन माह के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और कांवड़ यात्रा मार्गों पर विशेष प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सावन का महीना लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु की भावनाएं आहत न हों, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा मार्गों के आसपास खुले में मांस, मुर्गा या मछली बेचने वाली दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए या उन्हें नियमों के दायरे में लाया जाए।
लाखे नगर से महादेव घाट और रायपुरा मार्ग पर रहेगी विशेष नजर
नगर निगम द्वारा चिन्हित किए गए संवेदनशील और प्रमुख मार्गों में लाखे नगर चौक से महादेव घाट होते हुए रायपुरा मार्ग शामिल है। सावन के प्रत्येक सोमवार और सामान्य दिनों में भी इस मार्ग पर हजारों की संख्या में कांवड़िए और शिव भक्त खारून नदी से जल भरने तथा महादेव घाट स्थित ऐतिहासिक हटकेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
महापौर ने निर्देश दिया है कि लाखे नगर चौक, महादेव घाट रोड और रायपुरा चौक के पूरे क्षेत्र में विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। यह दल प्रतिदिन सुबह और शाम इस पूरे मार्ग पर गश्त करेगा और स्थिति का जायजा लेगा। यदि इस मार्ग पर कोई भी दुकान खुले में मांस या नॉन-वेज बेचते हुए पाई गई, तो उस पर मौके पर ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जब्ती और चालानी कार्रवाई
महापौर मीनल चौबे ने स्वास्थ्य विभाग और जोन के एंफोर्समेंट दस्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल चेतावनी देकर छोड़ना काफी नहीं होगा। यदि बार-बार समझाइश के बाद भी कोई व्यापारी या दुकानदार खुले में मांस बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसकी दुकान का सामान जब्त किया जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, यदि आवश्यक हुआ तो लगातार उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के व्यापारिक लाइसेंस को भी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित जोन कमिश्नर इस पूरी कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट महापौर कार्यालय को सौंपेंगे, ताकि निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न रहे।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए स्वच्छता और प्रकाश की विशेष व्यवस्था
सावन माह में महादेव घाट पर लगने वाले मेले और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए केवल मांस बिक्री पर रोक ही नहीं, बल्कि संपूर्ण नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। महापौर ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर जगह-जगह सफाई कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाए। सड़कों पर जमा कचरा और गंदगी तुरंत हटाई जाए ताकि नंगे पांव चलने वाले कांवड़ियों को किसी प्रकार की चोट या असुविधा न हो। इसके साथ ही, रात के समय कांवड़ यात्रा के दौरान पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के लिए सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए हैं।
पेयजल, चिकित्सा और चूने की डस्टिंग की व्यवस्था
कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल की उचित व्यवस्था करने के लिए नगर निगम जगह-जगह टैंकरों की तैनाती करेगा। इसके अलावा, बारिश के मौसम को देखते हुए सड़कों के किनारे और जलभराव वाले संभावित स्थानों पर चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने को कहा गया है ताकि संक्रामक बीमारियों का खतरा न रहे। श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था हेतु भी स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
व्यापारियों और नागरिकों से सौहार्द बनाए रखने की अपील
महापौर मीनल चौबे ने शहर के सभी मीट-मटन व्यवसायियों और नागरिकों से अपील की है कि वे सावन माह की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने में नगर निगम प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर हमेशा से अपनी आपसी भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। ऐसे में व्यापारी स्वतः आगे आकर नियमों का पालन करें और कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में सामग्री न बेचें। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि यदि उन्हें कहीं भी खुले में मांस बिक्री या अव्यवस्था की शिकायत दिखे, तो वे तुरंत नगर निगम के कंट्रोल रूम या संबंधित जोन कार्यालय में इसकी सूचना दें।
हटकेश्वर महादेव मंदिर और सावन का धार्मिक महत्व
रायपुर का महादेव घाट और वहां स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय परंपरा के अनुसार, सावन के महीने में खारून नदी के तट पर स्थित इस शिवधाम में जल चढ़ाने का विशेष फल प्राप्त होता है। न केवल रायपुर शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के जिलों से भी हजारों की संख्या में कांवड़िए यहां आते हैं। यही कारण है कि इस पूरे क्षेत्र को स्वच्छ, पवित्र और सुरक्षित बनाए रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, लगातार जारी रहेगा निरीक्षण
नगर निगम आयुक्त और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर इस पूरी व्यवस्था को धरातल पर उतारा जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी, वहीं नगर निगम का अमला स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने और मांस बिक्री पर रोक लगाने की जिम्मेदारी संभालेगा। महापौर के इस सख्त रुख से यह साफ हो गया है कि इस बार सावन महीने में कांवड़ यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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