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राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं जन-जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी में व्याख्याता संदीप सेन सम्मानित: ‘इंद्रिय-भ्रम’ प्रयोगों से दिया वैज्ञानिक सोच का संदेश

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डोंगरगढ़ / कांकेर: प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा, छत्तीसगढ़ द्वारा डोंगरगढ़ (जिला राजनांदगांव) के माँ बम्लेश्वरी देवी अतिथिगृह हाल में ‘राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन-जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी-2026’ का भव्य आयोजन दिनाँक 26/08/2026 को किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में तार्किक, विवेकपूर्ण चिंतन और वैज्ञानिक चेतना के प्रसार में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आतुरगांव (ब्लॉक व जिला कांकेर) के विज्ञान संचारक एवं व्याख्याता श्री संदीप सेन को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

​सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में विकास फैमिली क्लब (बक्सर, बिहार) के संयोजक श्री मनोज मिश्रा और अध्यक्षता श्री भुवनेश्वर मरकाम (प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा) ने की। साथ ही यंग कलाम साइंस सेन्टर नागपुर से कालिदास नाकाड़े, डॉ. आशीष नायक, डॉ. स्वाति गंधर्व, श्री कुमार मंडावी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ श्री निवास मिश्रा सहित अनेक शिक्षाविद व वैज्ञानिक चेतना के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

​संगोष्ठी के दौरान संदीप सेन ने छात्रों एवं जनमानस में वैज्ञानिक समझ विकसित करने के लिए कई रोचक ‘इंद्रिय-भ्रम’ (Sensory Illusion) प्रयोग प्रस्तुत किए। उन्होंने दिखाया कि कैसे हमारी आँखें, कान, त्वचा, नाक और जीभ कई बार बाहरी दुनिया को समझने में भ्रमित हो सकती हैं—जैसे मुलर-लायर भ्रम (Müller-Lyer illusion), आँख का अंध बिंदु (Blind Spot), त्वचा का थर्मल कॉन्ट्रास्ट और स्वाद में गंध की भूमिका। इन सरल प्रयोगों के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि इंद्रियाँ केवल सूचनाएं ग्रहण करती हैं, जबकि अंतिम अर्थ मस्तिष्क निकालता है, जो संदर्भ के कारण कभी-कभी भ्रामक भी हो सकता है।

​संदीप सेन ने अपने उद्बोधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सार साझा करते हुए कहा:
​”हमारी इंद्रियाँ हमें सूचना देती हैं और मस्तिष्क उसका अर्थ निकालता है। कभी-कभी यह अर्थ गलत भी हो सकता है—इसलिए केवल देखकर, सुनकर या महसूस करके किसी बात पर अंधविश्वास न करें। हर बात को जाँचिए, प्रयोग कीजिए और प्रमाण खोजिए। यही वास्तविक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।”

​उनकी इस उपलब्धि और समाज में तार्किक चेतना जगाने के प्रयासों की संगोष्ठी में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षाविदों और विद्यालय परिवार ने सराहना की।

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