कोमाखान। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के विलादत के मुबारक मौके पर कोमाखान में ईद मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, अदब और अकीदत के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मस्जिद में इमाम साहब (मौलाना) द्वारा इस्लामी परचम कुशाई (झंडारोहण) के साथ हुई। इसके पश्चात मुल्क व कौम में अमन, चैन और खुशहाली के लिए फातिहा ख्वानी कर विशेष दुआ मांगी गई। दुआ के बाद जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान हाथों में परचम थामे, नात-ए-पाक और तकबीर के नारों के साथ नगर भ्रमण पर निकले। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मस्जिद पहुंचा, जहां सभी अकीदतमंदों के लिए दोपहर के लंगर (दावत) का प्रबंध किया गया था।

10 गांवों के समाजजनों ने दर्ज कराई मौजूदगी
इस मुबारक मौके पर कोमाखान सहित आसपास के क्षेत्र—बोईरगांव, सुरमाल, ख़ैरत खुर्द, गोयनाबाहरा, सोनामूंदी, बक़मा, टेंगरही, सिवनी खुर्द और कसेकेरा से बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे और जश्न में शामिल हुए।
प्रशासन व समाजजनों का जताया आभार
आयोजन के सफल समापन पर मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली वसीम रज़ा एवं सेक्रेटरी रहमान भाई ने कहा कि इस वर्ष का कार्यक्रम बेहद शानदार और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने कोमाखान थाना पुलिस प्रशासन का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे जुलूस के दौरान पुलिस बल का भरपूर सहयोग मिला और वे व्यवस्था बनाए रखने के लिए साथ-साथ मौजूद रहे। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी मुस्लिम जमात के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।







