बीजापुर। जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि शराब दुकानों से लेकर गांव-गली की किराना दुकानों तक शराब की अवैध बिक्री का सिलसिला जारी है। इन शिकायतों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी शराब दुकानों से थोक में शराब जाने का आरोप
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बीजापुर की सरकारी शराब दुकानों से नियमों के विपरीत बड़ी मात्रा में शराब की बिक्री किए जाने की शिकायत है। आरोप है कि शराब को बोरियों और बैगों में भरकर ग्रामीण एवं रिहायशी इलाकों तक पहुंचाया जा रहा है।
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल निर्धारित बिक्री नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा मिलने की आशंका भी है।
MRP से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत
शराब दुकानों में ओवररेटिंग को लेकर भी ग्राहकों की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ दुकानों में शराब की बोतल और बीयर पर निर्धारित MRP से ₹20 से ₹30 तक अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
ग्राहकों का कहना है कि जब वे अतिरिक्त राशि देने से इनकार करते हैं या इसका विरोध करते हैं, तो कई बार उन्हें शराब देने से मना कर दिया जाता है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
किराना दुकानों में शराब बिक्री का आरोप
सबसे गंभीर आरोप ग्रामीण एवं रिहायशी क्षेत्रों की कुछ किराना दुकानों को लेकर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि कई स्थानों पर किराना दुकानों में खुलेआम बीयर और शराब उपलब्ध कराई जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि इस तरह शराब आसानी से उपलब्ध होती रही, तो इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं और कम उम्र के बच्चों पर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इन शिकायतों के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी शराब दुकानों से नियमों के विपरीत थोक बिक्री और अन्य स्थानों पर अवैध शराब बिक्री हो रही है, तो संबंधित विभाग को इसकी नियमित जांच क्यों नहीं हो रही है?
जनता की ओर से यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि—
- शराब दुकानों से कथित तौर पर थोक में शराब बाहर जाने पर निगरानी क्यों नहीं है?
- MRP से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई?
- किराना दुकानों में शराब बिक्री की शिकायतों की जांच क्यों नहीं हो रही?
- यदि अवैध कारोबार की पुष्टि होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
प्रशासन से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में अवैध शराब बिक्री, ओवररेटिंग या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकानदारों, कर्मचारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कि इन गंभीर आरोपों और शिकायतों पर आबकारी विभाग तथा जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।







