आरंग –
ग्राम पंचायत गुखेरा में संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का पावन पर्व ‘हलषष्ठी’ (कमरछठ) पारंपरिक रीति-रिवाजों और अपार भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव की माताओं ने दिनभर कड़े नियमों का पालन करते हुए निर्जला और निराहार व्रत रखा तथा सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पर्व के दौरान महिलाओं ने विधि-विधान से सगरी तैयार कर भगवान शिव, माता पार्वती और षष्ठी माता की आराधना की। पूजा में केवल बिना जुते हुए अन्न और प्राकृतिक उपज का ही उपयोग किया गया। माताओं ने भैंस के दूध, दही, शुद्ध घी, महुआ और विशेष रूप से छह प्रकार की पारंपरिक भाजियों का भोग अर्पित कर कथा श्रवण की। व्रत के समापन पर इन्हीं सात्विक सामग्रियों से बने फलाहार को ग्रहण कर पारण किया गया।

हलषष्ठी के पावन अवसर पर किसानों और ग्रामीणों ने अपनी आजीविका के आधार कृषि उपकरणों की भी श्रद्धापूर्वक पूजा की।इस अवसर पर पार्वती देवांगन,मालती देवांगन,सुरजा बाई,ममता देवांगन,मुस्कान मोतीम देवांगन,वैजयंती यादव,माधुरी चौहान,शांति यादव,लीला यादव, कालिन्दी यादव,नेहा कुर्रे,रामेश्वरी ढीढ़ी,राधिका रात्रे आदि महिलाओं की सहभागिता रही।







