-फिटनेस फेल होने से बस संचालन रुका, स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित; हिंडालको प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
युसूफ खान/सामरी/बलरामपुर। हिंडालको प्रबंधन द्वारा संचालित आदित्य बिरला स्कूल की बस का फिटनेस करीब 9 महीने से फेल होने के बावजूद उसके संचालन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। फिटनेस फेल होने के कारण 12 सितंबर, शनिवार को स्कूल बस का संचालन नहीं हो सका, जिसके चलते स्कूल बंद रखना पड़ा।
स्कूल बंद होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा। एक दिन स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं और पढ़ाई का एक दिन व्यर्थ चला गया। वहीं, अभिभावकों को भी अचानक स्कूल बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस मामले में हिंडालको प्रबंधन से बात करने पर प्रबंधन की ओर से स्कूल बंद करवा देने की बात कही गई। ऐसे में सवाल यह है कि यदि स्कूल बस का फिटनेस करीब 9 महीने से फेल था तो समय रहते बस के दस्तावेजों और फिटनेस की जांच क्यों नहीं की गई?
बताया जाता है कि हिंडालको प्रबंधन द्वारा ट्रांसपोर्टिंग में चलने वाले ट्रकों के दस्तावेजों की डेली चेकिंग की जाती है। इसके बावजूद स्कूल में बच्चों के परिवहन के लिए संचालित बस के कागजात और फिटनेस की समय पर जांच नहीं होने को लेकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यदि बस के दस्तावेजों की समय रहते जांच कर फिटनेस फेल होने की जानकारी सामने आ जाती, तो बस के संचालन को समय रहते रोका जा सकता था और स्कूल बंद होने तथा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति भी पैदा नहीं होती। लेकिन करीब 9 महीने तक फिटनेस फेल होने के बावजूद बस का संचालन जारी रहा और अंततः फिटनेस फेल होने के कारण बस नहीं चली तथा स्कूल बंद रखना पड़ा।
अब प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर
मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि हिंडालको प्रबंधन इसे कितनी गंभीरता से लेता है। क्या स्कूल बसों के दस्तावेज और फिटनेस की जांच कराई जाएगी? क्या इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय होगी? साथ ही बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे?
खबर सामने आने के बाद हिंडालको प्रबंधन नींद से जागता है या नहीं, और बच्चों की पढ़ाई व सुरक्षा से जुड़े इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।







