Home चर्चा में डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी ने IASE बिलासपुर के प्राचार्य का संभाला कार्यभार

डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी ने IASE बिलासपुर के प्राचार्य का संभाला कार्यभार

8
0

-प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक दृष्टि से संस्थान को नई दिशा देने की उम्मीद

जिला जांजगीर-चांपा बिलासपुर। शिक्षा एवं प्रशासन के क्षेत्र में अपनी कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए पहचान बनाने वाली डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी ने उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान (IASE), बिलासपुर के प्राचार्य पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके इस नए दायित्व को शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण नियुक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

डॉ. द्विवेदी इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी, सक्ती के पद पर कार्यरत थीं। सक्ती जिले में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ विद्यालयीन शिक्षा, शिक्षक व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रियता के साथ कार्य किया। उनके स्थानांतरण के बाद अब IASE बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थान की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा जोर

IASE जैसे संस्थान की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावी शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मानव संसाधन के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में प्राचार्य के रूप में डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी के सामने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करने तथा आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने संस्थान के विकास, शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार और भावी शिक्षकों को अधिक सक्षम बनाने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया है। इससे संस्थान में प्रशिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

सक्ती से बिलासपुर तक प्रशासनिक अनुभव का लाभ

सक्ती जिले में जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य करने का अनुभव अब बिलासपुर के IASE में उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के प्रशासनिक संचालन से लेकर विद्यालयों और शिक्षकों से जुड़े विषयों के अनुभव को शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के अकादमिक वातावरण से जोड़ने की चुनौती उनके सामने होगी।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता सीधे तौर पर विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। ऐसे में प्रशिक्षण संस्थानों में अकादमिक नवाचार, व्यवहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों का उपयोग और शिक्षकों की क्षमता-वृद्धि पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक है।

शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल

डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी के IASE बिलासपुर के प्राचार्य पद का कार्यभार संभालने पर सक्ती, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षाविदों, शिक्षकों, साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक दृष्टिकोण से संस्थान को लाभ मिलेगा।

अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि डॉ. द्विवेदी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के माध्यम से IASE बिलासपुर में शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों को किस प्रकार नई दिशा देती हैं। संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में प्रभावी सुधार उनके कार्यकाल की प्रमुख कसौटी होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here