मनेन्द्रगढ़ संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव
जल संरक्षण, रोजगार, स्वच्छता, आवास, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा; योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश
एमसीबी// जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं आगामी कार्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता चौधरी, श्रीमती सुखमंती सिंह, श्रीमती अनीता सिंह, उजित नारायण सिंह, श्रीमती बेला कुंवर आयाम एवं श्रीमती ममता, जनपद पंचायत भरतपुर की अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, विधायक प्रतिनिधि रवि कुमार गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि राम नरेश पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण ( VB-G-RAM-G) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अभियान के तहत जिले में किए जा रहे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि आजीविका डबरियों, सामुदायिक तालाबों एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन संरचनाओं का उपयोग भविष्य में मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी एवं पशुपालन जैसी आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के साथ निर्मित संरचनाओं के बेहतर उपयोग एवं नियमित रखरखाव पर विशेष जोर दिया।

स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। ग्राम पंचायत स्तर पर घर-घर कचरा संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, सैनिटरी एवं जोखिमपूर्ण कचरे के सुरक्षित निपटान तथा स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने, बल्क वेस्ट जनरेटर का पंजीयन कराने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए चौपाल, दीवार लेखन, रैली एवं अन्य आईईसी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
सामान्य सभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), VB-G-RAM-G, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल संरक्षण एवं रोजगार मूलक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण संबंधी गतिविधियों, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की किसान हितैषी योजनाओं, बागवानी एवं पौधरोपण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
‘अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता’
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर सतत निरीक्षण तथा जनप्रतिनिधियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार, ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इनके सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए। विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के साथ लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय मजबूत करने, निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने तथा योजनाओं की प्रगति का नियमित मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।







