बीजापुर संवाददाता – पुकार बाफना
गरीबों के हक के चावल पर डाका बीजापुर से रात-दिन पीडीएस की चावल रात दिन बाहर मार्केट में बिकने जा रहा राइस मिलों में खप रहा सरकारी राशन, प्रशासन मौन!
गरीबों के निवाले पर माफिया का कब्जा, ट्रकों में लदकर खुलेआम पार हो रहा है सरकारी चावल,
जिम्मेदार अधिकारियों ने मूंदी आंखें।
बीजापुर जिले में गरीबों के हक के राशन की खुलेआम लूट मची हुई है। सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के तहत जरूरतमंदों को मिलने वाला सरकारी चावल उनके चूल्हे तक पहुंचने के बजाय सीधे राइस मिलों में बेचा जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बीजापुर जिले से रात-दिन लगातार चावल से लदे ट्रक खुलेआम पार हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग गहरी नींद में है। प्रशासन की यह बड़ी लापरवाही तस्करों और बिचौलियों के हौसले बुलंद कर रही है।
मामले का विस्तृत
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीजापुर जिले सोसायटियों से गरीबों का राशन गायब किया जा रहा है। इस चावल को अवैध रूप से ट्रकों में लोड करके राइस मिलों में खपाने के लिए भेजा जा रहा है। यह पूरा खेल 24 घंटे लगातार जारी है। रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक, सड़कों पर दौड़ते ये ट्रक चीख-चीखकर प्रशासनिक नाकामी की कहानी बयां कर रहे हैं।
गरीब जनता सोसायटियों में राशन कार्ड लेकर पहुंचती है, तो उन्हें स्टॉक खत्म होने का बहाना बना दिया जाता है, जबकि दूसरी तरफ वही चावल ऊंची कीमतों पर राइस मिल मालिकों को बेचा जा रहा है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल:
इतने बड़े पैमाने पर हो रही चावल की हेराफेरी
बोर से पलटी करके व्हाइट बोर में डालकर ले जाया जा रहा है चावल
ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह पुलिस और परिवहन विभाग के नाके होने के बावजूद, ये ट्रक बिना किसी डर के कैसे पार हो रहे हैं? क्या विभाग को इसकी भनक नहीं है, या फिर जानबूझकर अनजान बना जा रहा है? जनता अब यह पूछ रही है कि आखिर गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले इन माफियाओं पर कार्रवाई कब होगी?







