जिला सक्ती, 5 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक राज्य के सभी 33 जिलों में राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान चलाया। इसमें जिला सक्ती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 9वां स्थान प्राप्त किया और टॉप-10 जिलों में अपनी जगह बनाई। नवगठित जिलों की श्रेणी में सक्ती पहले स्थान पर रहा, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करना था। साथ ही लोगों को यह सिखाना था कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल उचित कदम कैसे उठाएं। अभियान में समाज के हर वर्ग को शामिल किया गया। छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, घरेलू महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना स्तर तक चला व्यापक अभियान
पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन में यह अभियान चला। SDOP सक्ती भुवनेश्वरी पैंकरा, SDOP डभरा सुमित गुप्ता, DSP मुख्यालय और जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में बड़े स्तर पर साइबर जागृति कार्यक्रम आयोजित किए।

पुलिस टीमों ने चौक-चौराहों, बाजारों, गांवों, स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। थाना सक्ती सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाई, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक संदेश पहुंच सके।
छत्तीसगढ़ी बोली में जन चौपाल
अभियान की एक खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक महोदय ने जिस-जिस गांव में जन चौपाल लगाकर जागरूकता का संदेश दिया, हर जगह छत्तीसगढ़ी बोली में दिया। स्थानीय बोली में बात करने से ग्रामीणों ने संदेश को आसानी से समझा और अपनाया। इससे पुलिस और आम जनता के बीच संवाद भी मजबूत हुआ।
सेल्फी स्टैंड बना साइबर जागरूकता का आकर्षण
अभियान के दौरान जिला पुलिस ने सेल्फी स्टैंड का भी प्रभावी उपयोग किया। आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और अन्य वर्गों के लोगों ने सेल्फी स्टैंड के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाया।
मोबाइल से सेल्फी लेने के लिए लिंक साझा कर लोगों को प्रेरित भी किया गया। इससे नागरिकों ने खुद साइबर सुरक्षा का संदेश अपनाया और अपने परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस तरह अभियान केवल पुलिस और आम जन तक सीमित नहीं रहा। “एक व्यक्ति जागरूक हो और अनेक लोगों को जागरूक करे” की भावना के साथ यह जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर ऑनलाइन ठगी तक बचाव के उपाय
अभियान में नागरिकों को खासतौर पर डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, फर्जी लिंक, ऑनलाइन निवेश, केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने और अन्य साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि:
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध APK या मोबाइल ऐप डाउनलोड न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
पुलिस, सीबीआई, ईडी, कोर्ट या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का भय दिखाने वालों से सावधान रहें। कोई भी वास्तविक सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
ऑनलाइन खरीदारी, निवेश या नौकरी के नाम पर पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति या वेबसाइट की सत्यता जांच लें।
सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी ऑफर, लॉटरी, इनाम, लोन और नौकरी संबंधी संदेशों से सावधान रहें।
सार्वजनिक स्थानों पर अनजान Wi-Fi या संदिग्ध नेटवर्क से बैंकिंग लेन-देन से बचें।
बैंक खाते में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा राशि जमा होने पर, उसके कहने से राशि वापस भेजने से पहले बैंक से संपर्क करें।
साइबर ठगी होने पर क्या करें
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाना को भी तुरंत सूचना दें, ताकि ठगी की राशि को होल्ड कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए समय पर प्रयास किया जा सके।
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
जिला पुलिस सक्ती ने आम नागरिकों से अपील की है कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक, QR कोड, मोबाइल ऐप या ऑनलाइन ऑफर पर तत्काल विश्वास न करें। पुलिस ने “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें” की आदत अपनाने की अपील की है। साइबर अपराध होने पर बिना समय गंवाए 1930 पर संपर्क करने को भी कहा गया है।
जिला सक्ती पुलिस की टीमवर्क का परिणाम
राज्य स्तरीय अभियान में 9वां स्थान पाकर टॉप-10 में शामिल होना और नवगठित जिलों में पहला स्थान प्राप्त करना जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, व्यापक जनसंपर्क और साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का परिणाम है। स्कूल-कॉलेजों से लेकर गांव की चौपालों और बाजारों तक पुलिस टीमों की मेहनत ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
जिला पुलिस सक्ती ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता एवं कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा।







