रिकेश्वर राणा/दंतेवाड़ा/बीजापुर –
दंतेवाड़ा जिलें के बारसूर से सटा बीजापुर का मंगनार गांव यहां के ग्रामीण बीते सात से आठ सालों से गुडरा नदी पर जुगाड़ का पुल साल दर साल बनाते आ रहे है। शासन-प्रशासन से वर्षों से की जा रही मांग के बावजूद जब स्थायी पुल का निर्माण नहीं हुआ, तो मंगनार और आसपास के ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी पहल पर नदी पर अस्थायी जुगाड़ पुल तैयार कर लिया है। दंतेवाड़ा और बीजापुर दोनों जिलों की सीमा पर बसे मंगनार में ग्रामीणों ने बिजली के पोलों और बांस की मजबूत बाड़ी का उपयोग करते हुए गुडरा नदी पर यह पुल खड़ा किया है।
बीते सात सालों से मंगनार गांव के ग्रामीण गुडरा नदी पर बांस की बाड़ी और बिजली के पोल से पुल बनाते आ रहे है।
बांस के घेरे से तैयार किया पिलर –
ग्रामीणों ने बांस से घेरा बनाकर उसके भीतर बड़े-बड़े पत्थर भरे और इन्हीं अस्थायी पिलरों पर बिजली के पोल बिछाकर पुल का स्वरूप दिया। बीते 2025 में ग्रामीणों ने पुल निर्माण का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित किया था। लेकिन कुछ स्थायी समाधान नहीं निकला। जब जी मीडिया की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो ग्रामीणों का कहना था कि हर साल जलस्तर कम होने पर मंगनार, कौशलनार समेत आसपास के दो दर्जन गांवों के लोग इसी तरह का अस्थायी पुल बनाकर आवागमन की सुविधा जुटाते हैं। तो वही मंगनार गांव के सरपंच मनकु पदामी का कहना है कि पुल बनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन दे चुके है साल दर साल क्षेत्र के अधिकारियों और जनप्रतिधियों को पुल के लिए अवगत करवाते रहते है लेकिन कुछ निष्कर्ष नहीं निकला।

मांगनार पंचायत से बीजापुर जिले की दूरी लगभग 150 किलोमीटर –
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान नदी उफान पर रहती है, जिससे उनका संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। मंगनार और कौशलनार पंचायत से बीजापुर जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, जबकि दंतेवाड़ा 50 किलोमीटर दूर है। ऐसी स्थिति में स्थायी पुल न होने से आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों को गंभीर आवाजाही संकट का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अब क्षेत्र में स्थायी पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। कई वर्षों से लगातार मांग के बावजूद समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्वास्थ्य सुविधा के लिए पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा पर निर्भर –
गांव के ग्रामीण बताते है कि जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है या कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे भी दंतेवाड़ा जिले के बारसूर ले जाना पड़ता है। मांगनार समेत गुडरा नदी के पार बसे लगभग दो दर्जन से भी अधिक गांव बीजापुर जिले में आते है इन सभी गांवों के ग्रामीणों को दंतेवाड़ा जिले के बारसूर पर निर्भर रहना पड़ता है।







