नई दिल्ली। सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, एम. वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विशेष बात यह रही कि इस्तीफ़े के बाद जगदीप धनखड़ पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए। हालांकि, विपक्ष के नेता राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में नज़र नहीं आए।
चुनाव में भारी जीत
9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने विपक्ष के बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों से हराया था। कुल 788 सांसदों में से 767 ने मतदान किया था। इसमें राधाकृष्णन को 452 वोट मिले जबकि रेड्डी को 300 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। यह चुनाव तब आवश्यक हुआ जब तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफ़ा दे दिया था।
महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा
उपराष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने के बाद सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की घोषणा की।
समारोह में नेताओं की मौजूदगी और अनुपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के राज्यपाल, कर्नाटक के राज्यपाल और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा समारोह में शामिल हुए। महाराष्ट्र से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंचे, जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार अनुपस्थित रहे।







