ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में मंगलवार को पुलिस ने कुख्यात ड्रग गिरोह ‘रेड कमांड’ (कोमांडो वर्मेलो) के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया। करीब 2,500 पुलिसकर्मी हेलिकॉप्टर से अपराधियों के ठिकानों पर उतरे, लेकिन कार्रवाई के दौरान गैंग ने जबरदस्त प्रतिरोध किया। अपराधियों ने ड्रोन से बम गिराए और सड़कों पर जलते बैरिकेड्स लगाकर पुलिस को रोकने की कोशिश की।
भारी गोलीबारी में 80 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन की तैयारी एक साल से चल रही थी। ‘ऑपरेशन कंटेनमेंट’ नामक इस अभियान का मकसद ड्रग तस्करी और संगठित अपराध पर शिकंजा कसना था।

गवर्नर का बयान
गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने एक वीडियो बयान में कहा, “हमारा लक्ष्य रियो डी जेनेरियो को सुरक्षित बनाना है। हम पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने बताया कि अभियान में 60 अपराधी मारे गए, 81 गिरफ्तार किए गए और 250 से ज्यादा गिरफ्तारी और तलाशी वारंट जारी हुए। पुलिस ने 42 राइफलें और 200 किलो से अधिक ड्रग्स जब्त किए हैं।
वॉर ज़ोन में बदला इलाका
मुठभेड़ के दौरान हालात इतने खराब थे कि स्थानीय लोगों ने इलाके को ‘वॉर ज़ोन’ जैसा बताया। लगभग 3 लाख लोगों में दहशत फैल गई। कई आम नागरिक भी घायल हुए और कई सड़कें बंद करनी पड़ीं। पूरे दिन गोलियों और धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं।
रियो में जल्द होने वाला बड़ा सम्मेलन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अभियान उस वक्त चलाया गया जब रियो अगले हफ्ते C40 विश्व महापौर शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले ऐसे ऑपरेशन अक्सर किए जाते हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।
इस पूरे ऑपरेशन को ब्राजील में संगठित अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा पुलिस अभियान माना जा रहा है।







